गुरुग्राम। महामारी के दौरान शहर के रियल एस्टेट बाजार में आई गिरावट अब खत्म होने के साथ ही सुधार की ओर चलने लगी है। 2019 में महामारी से पहले के मुकाबले पिछले वर्ष सन् 2021 में गुरुग्राम में 80 लाख से अधिक की कीमत के फ्लैट खरीदने वालों की संख्या में 6 फीसदी का इजाफा हुआ है। हाउसिंग कंसल्टेंसी फर्म एनारक ने गुरुग्राम के संबंध में आंकड़े जारी किए हैं। जो आंकड़े जारी किए हैं, उसके मुताबिक प्रीमियम संपत्ति की मांग बढ़ी है।
वर्ष 2019 में कोरोना महामारी से पहले 13250 आवासीय इकाइयां बेची गई थीं। इनमें 80 लाख से अधिक की आवासीय इकाइयों की संख्या 24 फीसदी थी। सन् 2021 की बात करें तो पिछले साल गुरुग्राम में 15,590 आवास इकाइयां बेची गई थीं। इसमें 80 लाख से अधिक इकाइयों की संख्या 30 फीसदी थी। इसके अलावा सन् 2021 की पहली तिमाही में 3060 नई आवासीय इकाइयां बिकीं, जबकि सन् 2022 की पहली तिमाही में 7890 नई आवासीय इकाइयां बिकी हैं। यह 158 फीसदी वृद्धि है।
जिला युवा पेशेवरों के लिए पहली पसंद के रूप में उभर रहा है। गुरुग्राम पहले से ही भारत के आईटी केंद्रों में से एक है। इसमें 250 से अधिक फॉर्च्यून कंपनियां हैं, जो इसे युवा पेशेवरों के बीच काफी लोकप्रिय बनाती हैं।
- नरेंद्र यादव, अध्यक्ष, गुरुग्राम होम डेवलपर्स एसोसिएशन
कॉरपोरेट और एनआरआई गुरुग्राम की तरह ही रेजिडेंशियल स्पेस की तलाश में हैं। शहर के पुराने क्षेत्रों में भी अचल संपत्ति में तेजी आई है। इस क्षेत्र में ऑफिस स्पेस के तेजी से बढ़ने के कारण सामाजिक बुनियादी ढांचे और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों जैसे रेस्तरां और भोजन के आउटलेट, मनोरंजन के स्थान को बढ़ावा मिला है।
- पंकज रामपाल, महासचिव, गुुरुग्राम होम डेवलपर्स एसोसिएशन