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नकदी लूटने के लिए की थी व्यापारी की हत्या, तीन गिरफ्तार

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गुरुग्राम पुलिस की गिरफ्त में व्यापारी की हत्या के आरोपी। - फोटो : Gurgaon
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नकदी लूटने के लिए की थी व्यापारी की हत्या, तीन गिरफ्तार
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गुरुग्राम। सदर बाजार में बाबा गारमेंट के संचालक सुधीर तनेजा हत्याकांड में 18 दिन बाद पुलिस को सफलता मिल गई। पुलिस ने इस पूरे हत्याकांड में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि बदमाशों ने व्यापारी से नकदी लूटने के लिए हत्याकांड को अंजाम दिया। इनसे 10200 रुपये बरामद कर लिए हैं। पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल के मुताबिक, वारदात में लूटी गई स्कूटी बरामद नहीं हुई है। आरोपियों को 4 दिन की रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस आयुक्त मोहम्मद अकिल ने प्रेसवार्ता कर खुलासा किया कि 28 मई की रात साढे़ नौ बजे सुधीर तनेजा दुकान बंद करके जा रहा था। दुकान से 100 मीटर की दूरी पर बदमाश उन्हें गोली मारकर नकदी से भरा बैग और स्कूटी लूटकर फरार हो गए। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर शनिवार रात को बहादुरगढ़ से बसई निवासी सूरज कटारिया को गिरफ्तार किया। इसके बाद यूपी के हाथरस निवासी सूरज और मनोज कुमार को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया।
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पुलिस आयुक्त के मुताबिक, इस हत्याकांड को लूट के इरादे से ही बदमाशों ने अंजाम दिया था। दावा है कि कुछ समय पहले बदमाशों ने सुधीर तनेजा को उसकी दुकान पर काफी सारे रुपये गिनते देख लिया था। इसके बाद उन्होंने व्यापारी के साथ लूट की साजिश रचनी शुरू कर दी। वारदात में पांच बदमाश शामिल हुए थे। इसमें दो बदमाशों ने करीब एक माह तक सुधीर तनेजा की रेकी की। इसके बाद सूरज कटारिया, मोनू और सूरज गाड़ी से वारदात को अंजाम देने पहुंचे। सूरज कटारिया व्यापारी से बैग लूटने पहुंचा। छीना झपटी का जब व्यापारी ने विरोध किया तो उसने गोली मार दी।
डीसीपी क्राइम राजीव देशवाल के मुताबिक, सदर बाजार में 100 से ज्यादा लोकेशन की सीसीटीवी फुटेज खंगालने के बाद भी बदमाशों का साफ चेहरा नहीं मिला था। बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद सुभाष चौक की ओर स्कूटी लेकर फरार हुए थे। सुभाष चौक पर स्कूटी समेत बदमाशों का चेहरा फुटेज में स्पष्ट हुआ। आरोपी सूरज कटारिया पर लूट, चोरी, डकैती जैसे पांच मामले दर्ज हैं। दो मामलों में वह बरी हो चुका है जबकि एक मामले में अभी हाल ही में जेल से जमानत पर बाहर आया था। दूसरे आरोपी सूरज पर भी पेट्रोल पंप पर लूट का मामला दर्ज है।
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रुपयों की जरूरत थी
पुलिस के मुताबिक, इस पूरी लूट की वारदात को अंजाम देने की साजिश मोनू ने रची थी। जेल से बाहर आने के बाद सूरज कटारिया को रुपयों की जरूरत थी। मोनू ने उसे सुधीर तनेजा के साथ लूटपाट का लालच दिया। इस पर वह मान गया और इस पूरी पटकथा को मोनू ने रच डाला। हालांकि पहले उनकी साजिश व्यापारी की हत्या की नहीं थी, लेकिन व्यापारी के विरोध करने पर सूरज ने उसे गोली मार दी।
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