न्यू गुरुग्राम में यात्रियों को बसों के टाइमिंग की जानकारी नहीं होने से परेशानी
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। पुराने गुरुग्राम में यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए गुरुगमन बस क्यू शेल्टर आज खुद बदहाली के आंसू रो रहे हैं। गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) के दावों के विपरीत, पुराने शहर के अधिकांश शेल्टरों पर न तो बसों के रूट की कोई जानकारी है और न ही समय सारणी। बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे बड़ी विडंबना यह है कि इन शेल्टरों के आगे रेहड़ियों के अवैध अतिक्रमण और वाहनों की अवैध पार्किंग के कारण बसें यहां रुकती ही नहीं हैं। चालक बीच सड़क पर ही बसें रोककर सवारियों को उतारते हैं, जिससे हर वक्त बड़े हादसों और ट्रैफिक जाम का खतरा बना रहता है। इतना ही नहीं, शाम ढलते ही ये शेल्टर शराबियों और असामाजिक तत्वों का अड्डा बन जाते हैं। इस असुरक्षित माहौल के कारण महिलाएं और बच्चे यहां बैठने से कतराते हैं।
जीएमसीबीएल ने अलग-अलग रूटों पर गुरुग्राम शहर में करीब 330 बस क्यू शेल्टर बनाए हैं। जीएमसीबीएल ने बस क्यू शेल्टर के रखरखाव के लिए एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है। एजेंसी नए गुरुग्राम क्षेत्र में बने बस क्यू शेल्टर का सही ढंग से रखरखाव कर रही है, लेकिन पुराने शहर में बने शेल्टर पर न साफ-सफाई है और न ही यहां व्यवस्था सुधारने के लिए कोई कार्य किया गया है। सिटी बसें नहीं रुकने के कारण यात्रियों को ऑटो या अन्य साधनों में ही अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ता है। इससे जीएमसीबीएल को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है।
बस क्यू शेल्टर पर लगानी चाहिए जानकारी
बस क्यू शेल्टर के आगे रेहड़ी व गाडियां खड़ी होने से परेशानी होती है। सिटी बस चालक सवारियों को बीच सड़क पर ही उतारकर चल पड़ती है, जबकि शेल्टर में बैठी सवारियों को चालक देखते भी नहीं हैं। -संतोष साहनी, यात्री
बस क्यू शेल्टर में सफाई भी नहीं होती है। यात्रियों को आसपास खड़े लोगों से सिटी बसों के बारे में पूछना पड़ता है। बस क्यू शेल्टर पर सिटी बसों के बारे में जानकारी लगानी चाहिए। -अमरजीत कुमार, यात्री
उनको बस क्यू शेल्टर के बारे में जानकारी नहीं है। सभी बस क्यू शेल्टर का निरीक्षण किया जाएगा और व्यवस्था में सुधार कराया जाएगा। चालक-परिचालकों को भी निर्देश दिए जाएंगे कि सभी बस क्यू शेल्टर पर गुरुगमन सिटी बसों का ठहराव किया जाए, ताकि यात्री बसों में सफर कर सकें।
- नरेश कुमार, डिपो मैनेजर, सेक्टर-10 जीएमसीबीएल