कार्रवाई से पहले पुलिस ने कई लोगों को काबू में लिया, रोष
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। झाड़सा के सेक्टर-50 में अवैध रूप से बने धार्मिक स्थल पर शुक्रवार तड़के हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और नगर निगम की टीम ने कार्रवाई की। वहीं, गोशाला में मौजूद पशुओं को दूसरी जगह शिफ्ट किया गया। एचएसवीपी का दावा है कि संबंधित जमीन सरकारी है और उस पर बिना अनुमति निर्माण किया गया था।
कार्रवाई के लिए टीमें शुक्रवार सुबह करीब चार बजे भारी पुलिस बल और 15 बुलडोजरों के साथ मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने धार्मिक स्थल के चारों ओर बैरिकेडिंग कर दी। कार्रवाई से पहले पुलिस ने कई लोगों को काबू में ले लिया। इसके बाद परिसर में बने अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई।
कार्रवाई की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध जताया। कांग्रेस नेता प्रदीप सिंह जैलदार ने कहा कि धार्मिक स्थल 100 साल से अधिक पुराना है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने धार्मिक स्थल को तोड़कर लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि कार्रवाई के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया और रविवार को 36 बिरादरी की पंचायत बुलाई जाएगी। यह कार्रवाई किसी खास को फायदा देने के लिए की गई है।
उन्होंने कार्रवाई के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। दूसरी ओर, एचएसवीपी अधिकारियों का कहना है कि संबंधित जमीन सरकारी संपत्ति है और उस पर बिना अनुमति निर्माण किया गया था। प्राधिकरण के अनुसार जमीन खाली करने के लिए पहले ही कहा जा चुका था।
भूमाफिया के इशारे पर हुई कार्रवाई, सीएम को किया गुमराह : भाजपा विधायक
मामले की जानकारी मिलने पर राजस्थान के तिजारा से भाजपा विधायक महंत बालक नाथ भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अधिकारियों से कार्रवाई को लेकर बातचीत की और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इस जमीन पर भूमाफिया और बिल्डरों की नजर है तथा कार्रवाई उनके दबाव में की गई है। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में उनकी मुख्यमंत्री से बात हुई थी और मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थल को नहीं हटाने का आश्वासन दिया था। इसके बावजूद कार्रवाई की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को पूरे मामले की सही जानकारी नहीं दी गई और उन्हें गुमराह किया गया।