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Gurugram News: दोनों नाबालिग आरोपियाें को भेजा बाल सुधार गृह

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सहपाठी को गोली मारने के मामला, पीड़ित छात्र की हालत गंभीर
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नाबालिग छात्र द्वारा सहपाठी को गोली मारने के मामले में दोनों नाबालिग आरोपियों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में पेश करके फरीदाबाद स्थित बाल सुधार गृह में भेज दिया गया है। पुलिस मामले में छानबीन कर रही है। गले में गोली लगने से घायल नाबालिग छात्र की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। वह सेक्टर-38 स्थित एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती है।
पुलिस के अनुसार घायल छात्र के गले में गोली लगने से उसके गले की हड्डी को नुकसान हुआ है। अभी छात्र बोल पाने की स्थिति में नहीं है। ऐसे में फिलहाल उसके बयान दर्ज नहीं हो सकते। घायल छात्र की मां की शिकायत के आधार पर सदर थाने की पुलिस मामले में कार्रवाई कर रही है। सहपाठी को गोली मारने में काबू किए गए दोनों नाबालिगों से पूछताछ में सामने आया कि मामले में आरोपी छात्र के फ्लैट पर वह अपने दोनों दोस्तों के साथ मौजूद था। वह अपने सहपाठी (गाेली लगने से घायल छात्र) को बुला रहा था, लेकिन वह मोबाइल चलाने में व्यस्त होने के कारण उसकी बात को अनुसना कर रहा था और उसके पास नहीं आया। ऐसे में उसने (आरोपी नाबालिग छात्र) अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से अपने सहपाठी पर गोली चला दी जोकि उसके गले में लगी।
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दो माह पहले हुआ था झगड़ा
नाबालिग आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि वे तीनों दोस्त (पीड़ित व दो नाबालिग आरोपी) एक ही निजी स्कूल में 11वीं कक्षा के छात्र हैं। करीब दो माह पहले आरोपी छात्र का पीड़ित छात्र से झगड़ा हो गया था। हालांकि पुलिस के अनुसार इस मामले में कोई रंजिश की बात नाबालिग आरोपी छात्र ने नहीं कही। पुलिस अब गोली लगने से घायल छात्र के बयान देने का इंतजार कर रही है। बयान दर्ज होने पर ही गोली मारने की असली वजह का पता चल सकेगा।


रद्द हो सकता है पिस्टल का लाइसेंस
नाबालिग छात्र पर गोली चलाने मामले में पुलिस छानबीन कर रही है। पुलिस ने वारदात के बाद घटनास्थल से एक पिस्टल, एक मैगजीन, पांच कारतूस व एक खाली खोल (कारतूस) और कमरे के अंदर रखे बॉक्स से एक मैगजीन व 65 कारतूस बरामद किए थे। पुलिस अब आरोपी छात्र के पिता के पिस्टल के लाइसेंस को लेकर छानबीन व कार्रवाई कर रही है। जांच में पिस्टल रखने को लेकर लापरवाही मिलने पर आर्म्स लाइसेंस रद्द हो सकता है।
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जांच अधिकारी सुरेश ने बताया कि दोनों नाबालिग आरोपियों को बाल सुधार गृह में भेजा गया है। पिस्टल लाइसेंस को लेकर जांच की जा रही है। जांच के बाद उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। इसके बाद ही लाइसेंस को लेकर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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