केंद्रीय राज्य मंत्री ने जीएमडीए की बैठक में नालों पर कब्जों का मामला उठाया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत सिंह सोमवार को जीएमडीए की बैठक में ऑनलाइन शामिल हुए और मानसून व बरसात के दौरान शहर में होने वाले जलभराव पर विस्तृत रूप से चर्चा की। राव ने एक बार फिर दोहराया कि शहर के प्राकृतिक बहाव वाले प्राकृतिक नालों पर अवैध कब्जे बिल्डरों व अन्य की ओर से किए गए हैं। राव ने कहा कि कुछ बिल्डरों को तो शहर के प्राकृतिक पानी के बहाव वाले नालों पर पिछली सरकारों की ओर से लाइसेंस तक दे दिए गए, जिनकी जांच होनी चाहिए।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राव की बात पर सहमति जताते हुए कहा कि बिल्डरों द्वारा प्राकृतिक नालों पर कब्जे की केंद्रीय मंत्री की मांग पर जांच की जाए। मुख्यमंत्री ने सरहौल बॉर्डर पर पर्यटन विभाग की करीब 12 एकड़ से अधिक जमीन पर आर्टिफिशियल लेक बनाने की भी सहमति बैठक में प्रदान की। राव की इस बात पर सहमति जताई कि इस आर्टिफिशियल लेक के जरिए मानसून के दौरान बरसाती पानी को संचित कर शहर के वाटर लेवल को बढ़ाने में खासी मदद मिलेगी। गुरुग्राम से पलवल तक ले जाने की योजना पर कहा कि 2 हजार करोड़ खर्च करने से पूर्व इस बात को सुनिश्चित कर दिया जाए कि पानी का बहाव बिना रुकावट के मेवात की ओर हो। केंद्रीय मंत्री ने नजफगढ़ ड्रेन पर सैकड़ों एकड़ में किसानों की भूमि पर भरे पानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों के किसानों की जमीन पर कई वर्षों से पानी भरा हुआ है। नुकसान की भरपाई मुआवजा देकर की जानी चाहिए। सीएम ने विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
अब 700 के बजाय 400 बेड का अस्पताल
सिविल अस्पताल के निर्माण को लेकर भी विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि ओल्ड गुरुग्राम का सिविल अस्पताल 700 बेड के बजाय 300 बेड का किया जाए। अधिकारियों का तर्क था कि ओल्ड गुरुग्राम के अस्पताल के पास यातायात का अत्यधिक दबाव है। राव ने मुख्यमंत्री के समक्ष कहा कि यह शहर का ऐतिहासिक अस्पताल रहा है। ओल्ड सिटी में करीब 400 बेड का अस्पताल ही गरीबों को राहत दिला सकेगा। मुख्यमंत्री सेक्टर 67 व अन्य स्थानों पर भी अस्पताल निर्माण की भी योजना तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। बस स्टैंड का जल्द निर्माण कराया जाए। पुराने बस स्टैंड को भी सिटी बस व ई-बसों के लिए नवनिर्मित किया जाए। बैठक में बंधवाड़ी वेस्ट प्लांट पर विस्तृत रूप से चर्चा की गई। एसपीआर का निर्माण तीन वर्षों से लटका हुआ है। मुख्यमंत्री सैनी से कहा कि रोड का निर्माण अति आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने इस विषय पर बृहस्पतिवार को चंडीगढ़ में मीटिंग बुलाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं।