नोएडा डीएलएफ में बम की अफवाह
वहीं दूसरी तरफ नोएडा डीएलएफ में भी बम की अफवाह से हड़कंप मच गया। लेकिन बाद में पता चला कि ये एक मॉक ड्रिल थी। मॉल में सुरक्षा संबंधी सभी तरह की जांच के लिए पुलिस ने आज सुबह मॉल में मॉक ड्रिल कराई थी। बम से उड़ाने जैसा कोई संदेश नहीं मिला है।
नोएडा पुलिस ने कहा कि आगामी त्योहारों की दृष्टिगत कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर में विभिन्न स्थानों पर लगातार मॉल/ भीड़ भाड़ वाले स्थानों की चेकिंग कराई जा रही है। आज ईमेल की सूचना प्राप्त होने के उपरांत सुरक्षा के दृष्टिगत मॉल की सघनता से चेकिंग कराई गई है। किसी तरह की कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली है। स्थिति सामान्य है। प्रथम दृष्टया हॉक्स कॉल प्रतीत हो रही है। सभी उच्च अधिकारी एवं अन्य टीम मौके पर मौजूद है। मॉल की समस्त गतिविधियां सामान्य रूप से संचालित हो रही है।
कब-कब मिली बम से उड़ाने की कहां-कहां धमकी
दिल्ली में बीते महीनों एक दो बार नहीं बल्कि कई बार स्कूल, अस्पतालों को बम से उड़ाने की धमकियां मिली। दिल्ली-एनसीआर के 100 से अधिक स्कूलों को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिलने के बाद खलबली मच गई थी। दिल्ली के कई नामी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी।
जिसमें डीपीएस, मदर मैरी स्कूल और संस्कृति स्कूल जैसे नामी स्कूल शामिल थे। 30 अप्रैल को दिल्ली के शाहदरा में चाचा नेहरू अस्पताल को ईमेल के जरिए बम की धमकी मिली। परिसर को खाली कराया गया और गहन तलाशी अभियान शुरू किया गया।अधिकारियों ने पुष्टि की कि कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है।
पत्नी से लड़ाई कर दी झूठी कॉल
जनवरी 2024 में गुड़गांव पुलिस ने 37 वर्षीय एक व्यक्ति को बम से उड़ाने की झूठी धमकी देने के आरोप में गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से मुंबई का रहने वाला अमर पाल जायसवाल लॉकडाउन के दौरान बेरोजगार था और फिलहाल एक मेडिकल स्टोर पर सुरक्षा गार्ड की नौकरी करता था।
जांच से पता चला कि अमर पाल मानसिक रूप से बीमार होने के साथ नशे का आदी था, जिसके कारण अक्सर उसके और उसकी पत्नी के बीच झगड़े होते थे। एक दिन अमर पाल की उसकी पत्नी से तीखी बहस हो गई थी और वह नशे में था। उसे डराने की कोशिश में उसने आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल किया और बम होने की झूठी कॉल की।