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Gurugram News: धीरेंद्र बह्मचारी की जमीन पर सरकार की संपत्ति हाेने के लगे हैं बोर्ड

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गलत तरीके से जमीन की ररिस्ट्री कराने पर केस दर्ज कर पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सिलोखरा गांव स्थित धीरेंद्र बह्मचारी की जमीन पर अब हरियाणा सरकार का कब्जा है। प्रशासन की ओर से इस जमीन पर कई बोर्ड लगाए गए हैं। इसमें किसी भी प्रकार का अतिक्रमण करने वालों को चेतावनी दी गई है। फर्जी तरीके से जमीन की रजिस्ट्री कराने पर केस दर्ज कर पांच को गिरफ्तार किया जा चुका है।
सिलोखरा गांव स्थित धीरेंद्र बह्मचारी की जमीन पर लंबे समय से विवाद चल रहा है। जमीन के दावेदारों में विवाद होने पर अब सरकार की इस जमीन पर कब्जा है। जमीन के चारों ओर से बाउंड्रीवाल से सुरक्षित करा दिया गया है ताकि जमीन पर कोई कब्जा न कर सके। धीरेंद्र बह्मचारी की जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर हुए गोलमाल में पांच लोग जेल जा चुके हैं। शहर का नामी वकील भी सलाखों के पीछे जा चुका है। प्रशासन की ओर से इस जमीन पर कई जगहों पर बोर्ड लग गए हैं, जिसमें साफतौर पर मालिकाना हक सरकार का बताया गया है।
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बतादें कि इस मामले में एसडीएम बादशाहपुर की शिकायत पर पिछले साल दो जून को सेक्टर-40 थाना पुलिस ने धोखाधड़ी के साथ ही अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया था। शिकायत में सुभाष दत्ता, केएस पठानिया, रोडोक्स ट्रेडेक्स कंपनी, एसएम प्रीमियम होम कंपनी, रोजमार्टा इन्फ्रास्ट्रक्चर और स्टार केयर रियल एस्टेट के खिलाफ शिकायत दी गई थी। पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। उप रजिस्ट्रार-सह-एसडीएम बादशाहपुर से दी गई शिकायत में बताया था कि धीरेंद्र ब्रह्मचारी ने अपर्णा आश्रम सोसाइटी के नाम से 1984 में गांव सिलोखरा में 24 एकड़ 16 मरले जमीन खरीदी थी। उनके मरने के बाद से ही जमीन के मालिक को लेकर विवाद चल रहा है। 14 दिसंबर 2020 को केएस पठानिया की तरफ से तत्कालीन जिला उपायुक्त अमित खत्री से जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए आवेदन किया गया था। उन्हें उपायुक्त की तरफ से अनुमति मिल गई थी। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया था कि उन्होंने फर्जी दस्तावेज के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराने के लिए आवेदन दिया था।
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