गुरुग्राम। हरियाणा प्रदेश के आधे से अधिक ब्लैक फंगस के मरीज गुरुग्राम जिले में हैं लेकिन यहां पर इसके इलाज में इस्तेमाल किए जा रहे इंजेक्शन का संकट खड़ा हो गया है। अधिकारियों और सरकार के मंत्रियों का कहना है कि यह संकट रेमिडेसिविर इंजेक्शन से भी ज्यादा बड़ा है इसलिए केंद्रीय मंत्री राव इंद्रजीत ने हरियाणा के लिए इंजेक्शन का कोटा बढ़ाने का अनुरोध केंद्र सरकार से किया है। जरूरत पड़ने पर आयात की अनुमति प्रदान करने का भी अनुरोध किया है।
गुरुग्राम में कई बड़े अस्पताल हैं, इसलिए दूसरे प्रांतों के ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीज यहां पर ही अपना इलाज कराना उचित समझ रहे हैं। जिस तरह से ब्लैक फंगस के मरीजों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है, इसके इलाज में कारगर दवाएं भी उतनी ही मुश्किल से उपलब्ध हो रहीं हैं। नतीजा यह है कि मरीजों के तीमारदार जिला प्रशासन, अभिनेता सोनू सूद, मुख्यमंत्री मनोहरलाल समेत अन्य बड़ी हस्तियों व नेताओं को ट्वीट कर मदद की गुहार लगा रहे हैं।
प्रशासन की तरफ से भी निर्धारित प्रारूप के तहत आवेदन करने का सुझाव देकर खानापूर्ति की जा रही है। सीए गौरव जैन नामक ट्विटर यूजर ने जिला उपायुक्त को ट्वीट कर लिपोसोमल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन उपलब्ध कराने की मांग की। यूजर ने ट्वीट के साथ साउथ सिटी के मेयोम अस्पताल का लेटर हेड भी लगाया। इस पर उपायुक्त ने उनको निर्धारित प्रारूप के तहत आवेदन करने का सुझाव दिया। मालूम हो कि जिले में म्यूकरमाइकोसिस मरीजों की संख्या 156 तक पहुंच चुकी है।
इन हस्तियों से गुहार लगाई
इसी तरह से अवी तुतेजा नामक यूजर ने सोनू सूद, सीएमओ कार्यालय, जिला उपायुक्त व कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा को ट्वीट कर लिपोसोमल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। यूजर ने ट्वीट कर बताया कि मरीज को रोजाना इंजेक्शन की 6 डोज चाहिए लेकिन एक दिन बीतने के बाद भी इंजेक्शन नहीं मिला है, जिससे मरीज की हालत अत्यंत गंभीर है।
एसजीटी तक में उपलब्ध नहीं हैं दवाएं
स्थिति यह है कि जिस एसजीटी मेडिकल कॉलेज को सीएम की योजना के मुताबिक म्यूकरमइकोसिस ट्रीटमेंट सेंटर बनाया गया है। वहां पर भी मरीजों को दवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इस संबंध में शनिवार को रितुराज नामक ट्विटर यूजर ने जिला उपायुक्त को ट्वीट भी किया और पूरी स्थिति से अवगत कराया।
दवाओं की किल्लत से मरीज अनभिज्ञ
मरीजों को भर्ती करने से पहले अस्पताल द्वारा उनको दवाओं की उपलब्धता की सही जानकारी नहीं दी जा रही है। कुछ लोगों को तो पता ही नहीं रहता कि मरीज को भर्ती करने के बाद दवाओं के लिए भी उनको भटकना पड़ेगा। ब्रिजेश नामक ट्विटर यूजर ने जिला प्रशासन, मुख्यमंत्री, कांग्रेस नेता दीपेंद्र हुड्डा को ट्वीट कर बताया कि उनके पिता ब्लैक फंगस इन्फेक्शन से पीड़ित हैं और मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। यूजर ने ट्वीट के साथ डॉक्टर का पर्चा भी लगा रखा था।