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ब्लैक फंगस : दवाओं की ज्यादा जरूरत से भी बढ़ रही किल्लत

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गुरुग्राम (पंकज मोहन मिश्रा)। ब्लैक फंगस इन्फेक्शन (म्यूकरमाइकोसिस) के मरीजों की संख्या में जितनी तेजी से इजाफा हो रहा है, उतनी ही तेजी से दवाओं की किल्लत भी बढ़ती जा रही है। नतीजा यह है कि मरीजों को सही दवाएं नहीं मिल पा रही है, तो तीमारदार दवाओं के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं। इसकी एक बड़ी वजह यह भी है कि मांग के मुताबिक आपूर्ति कम होने के बावजूद मरीजों के लिए एक से तीन सप्ताह तक लंबा कोर्स चलाना पड़ रहा है।
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ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों को 1 से लेकर 3 सप्ताह तक रोजाना के लिए लिपोसोमल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में एक-एक मरीज को ही इलाज के लिए 30-100 इंजेक्शन की जरूरत पड़ रही है। वहीं, मांग के सापेक्ष आपूर्ति की बात करें, तो इंजेक्शन की 2-3 डोज भी बड़ी मुश्किल से मिल रही है। स्थिति यह है कि तीमारदार शासन-प्रशासन से लेकर जानी-मानी हस्तियों तक को ट्वीट कर मदद की गुहार लगा रहे हैं। जरूरतमंदों के ट्वीट से भी इस बात की पुष्टि होती है कि एक-एक मरीज को कितनी ज्यादा मात्रा में दवाओं की जरूरत है।
लोगों ने ट्वीट कर मांगी मदद
प्रमोद कुमार नामक युवक ने जिला उपायुक्त को ट्वीट करते हुए लिखा कि मेदांता में भर्ती उनके मरीज के लिए उनको एंफोमल एंटी फंगल वैक्सीन की 50-50 एमजी (150 एमजी प्रतिदिन) की दवाएं 10 दिन के लिए चाहिए। वहीं, मनीष नामक एक व्यक्ति ने बताया कि पारस अस्पताल में भर्ती उनके मित्र के इलाज के लिए 100 लिपोसोमल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन चाहिए। इसी तरीके से राहुल आर्या ने भी जिला उपायुक्त व अभिनेता सोनू सूद को ट्वीट करते हुए गंभीर स्थिति में मेदांता अस्पताल में भर्ती उनके मरीज के लिए म्यूकरमाइकोसिस की दवाएं उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।
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ऑक्सीजन और रेमडेसिविर वाले बन रहे हालात
कोरोना संक्रमण के बीच जो जिस तरीके से लोग ऑक्सीजन सिलिंडर और रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए भटक रहे थे। कमोबेश वही स्थिति अब ब्लैक फंगस के इलाज में कारगर दवाओं की भी होती जा रही है। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से मई के दूसरे सप्ताह तक लोग इसी तरीके से ऑक्सीजन व रेमडेसिविर इंजेक्शन के लिए दर-दर भटक रहे थे। ब्लैक फंगस के इलाज से संबंधित दवाओं की स्थिति यह है कि शासकीय केयर सेंटर बनाए गए एसजीटी मेडिकल कॉलेज तक में दवाएं मुश्किल से उपलब्ध हो पा रही हैं।
2600 रुपये है एक इंजेक्शन की कीमत
वैसे तो म्यूकरमाइकोसिस के दवाओं की कीमत अलग-अलग प्लेटफार्म पर अलग-अलग दिखाई गई है, लेकिन औसतन 50 एमजी के एक पीस लिपोसोमल एंफोटेरेसीन बी इंजेक्शन की कीमत 2600 रुपये है। यदि एक मरीज को दिन में तीन बार 50-50 एमजी के इंजेक्शन दिए जा रहे हैं तो एक दिन में सिर्फ इंजेक्शन पर ही 7800 रुपये खर्च हो रहे हैं। हालांकि, अलग-अलग फार्मा कंपनियों ने इन्फेक्शन के इलाज में कारगर दवाओं की कीमतें भी अलग-अलग निर्धारित की हैं। वहीं, बात अगर होम डिलिवरी की करें तो अलग-अलग ऑनलाइन शॉपिंग कंपनियों के द्वारा भी 10-15 दिन में होम डिलिवरी की बात कही जा रही है।
वर्जन-
ब्लैक फंगस इन्फेक्शन के इलाज में कारगर दवाएं आसानी से उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। इनकी मांग भी ज्यादा है। एंफोटेरेसीन बी तो फिर भी उपलब्ध है। लिपोसोमल एंफोटेरेसीन बी की आपूर्ति कम है। ऐसे में मरीजों को समस्या हो रही है। - डॉ. शशांक वशिष्ठ, कंसल्टेंट, ईएनटी, कोलंबिया एशिया अस्पताल
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