नूंह। बुधवार को केंद्र की भाजपा सरकार ने वक्फ संशोधन बिल 2024 को दोबारा सदन में पेश किया। इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए दक्षिण हरियाणा के दिग्गज नेता नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि वक्फ 1995 कानून में बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है। ये वक्फ प्रशासन व मुसलमानों के अधिकारों को कमजोर करने की नीति और नीयत से लाया गया बिल है।
विधायक आफताब अहमद ने कहा कि अगस्त 2024 में सदन में लाया गया बिल कांग्रेस व विपक्ष के विरोध के बाद जेपीसी में भेजा गया था, लेकिन वहां भाजपा व एनडीए के 14 संशोधन तो शामिल कर लिए गए, परंतु विपक्ष का एक भी संसोधन बिल में शामिल नहीं किया गया। विपक्षी सांसद सदस्यों ने असहमति नोट के साथ पुरजोर विरोध जताया और 1995 वक्फ विधेयक में 44 संशोधनों को रद्द करने की मांग रखी। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार वक्फ प्रबंधन को नियंत्रित करना चाहती है और हस्तक्षेप की नीयत कर रही है जो सही नहीं है। पहले वक्फ न्यायाधिकरण तय करता था कि संपत्ति वक्फ की है या नहीं, अब ये अधिकार जिला उपायुक्त को दिए जा रहे हैं। यह सरासर गलत है। संवाद