- जीएमडीए धनवापुर में 100 एमएलडी का नया बायो-सीबीजी आधारित संयंत्र बनाने जा रहा, 166 करोड़ होंगे खर्च
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मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) धनवापुर एसटीपी परिसर में 100 एमएलडी के नए सीवर शोधन संयंत्र (एसटीपी) के साथ कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) प्लांट लगाने जा रहा है। करीब 166 करोड़ की परियोजना का टेंडर जारी कर दिया गया है। यह शहर का पहला बायो-सीबीजी आधारित संयंत्र होगा।
जीएमडीए शहर में सीवर के गंदे पानी को शोधित करने के लिए जरूरत के अनुसार सीवर शोधन संयंत्र लगवा रहा है। इसके तहत न्यू सेक्टरों में बढ़ती आबादी को देखते हुए नए एसटीपी लगाए जा रहे हैं। वहीं, पुराने शहर के लिए लगे धनवापुर एसटीपी की क्षमता 218 एमएलडी है। जीएमडीए की योजना हैं कि संयंत्र की क्षमता को और बढ़ाया जाए ताकि ज्यादा गंदे पानी को शोधित किया जा सके। योजना के अनुसार एसटीपी में 100 एमएलडी क्षमता की अतिरिक्त वृद्धि की जाएगी। जीएमडीए की धनवापुर संयंत्र में 100 एमएलडी एमपीएस के अलावा एसबीआर तकनीक पर आधारित 100 एमएलडी एसटीपी के बायो-सीबीजी प्लांट के निर्माण की योजना है। यह शहर का पहला एसटीपी होगा, जिससे बायो-सीबीजी का उत्पादन होगा। जीएमडीए के एक अधिकारी ने बताया कि धनवापुर एसटीपी से बनी गैस सीएनजी सप्लाई करने वाली कंपनियों को बेचा जा सकता है। इससे जीएमडीए को संयंत्र के संचालन में आर्थिक मदद मिलेगी। यह कार्य संयंत्र का संचालन करने वाली कंपनी को करना होगा। इस परियोजना पर 16696.62 लाख रुपये खर्च होंगे। इसका टेंडर 21 अगस्त को खोला जाएगा। कार्य अलॉट होने पर ठेकेदार को 24 माह में काम पूरा करना होगा। अभी शहर में चल रहे एसटीपी में बायो सीबीजी प्लांट नहीं बने हुए हैं। यह पहला संयंत्र होगा, जिसमें गैस प्लांट बनेगा। बता दें कि कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) एक स्वच्छ, नवीकरणीय ईंधन है जो बायोगैस से प्राप्त होता है। सीबीजी का उपयोग वाहनों क चलाने व औद्योगिक क्षेत्रों में प्रयोग किया जा सकता है।
पानी के साथ गैस बेचने की तैयारी
जीएमडीए सीवर शोधित पानी की गुणवत्ता को बेहतर करने की दिशा में काम कर रहा है। इसके लिए धनवापुर और बेहरामपुर संयंत्र की पानी शोधन क्षमता को बेहतर करने की योजना है। इस पर जल्द काम शुरू होगा। जीएमडीए अभी कुछ कपड़ा कंपनियों को पानी बेच रहा है जबकि शोधित पानी का प्रयोग बागवानी में लाया जा रहा है। यदि धनवापुर संयंत्र का बायो सीबीजी प्लांट सफल रहता है तो अन्य में संयंत्रों पर भी लागू किया जा सकता है। गैस उत्पादन होने से संयंत्र के रखरखाव में जीएमडीए को मदद मिलेगी। दूसरी ओर जीएमडीए शहर में कई एसटीपी निर्माण की योजना रखता है। मानेसर में 25 एमएलडी के एसटीपी शुरू करने की तैयारी है। सेक्टर 107 में 100 एमएलडी के एसटीपी का निर्माण किया जाना है डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। औद्योगिक इकाइयों के गंदे पानी को शोधित करने के लिए सीईटीपी (कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) निर्माण की योजना है। 20 एमएलडी का संयंत्र सेक्टर-34/35 में तैयार होगा।