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Gurugram News: साइबर सिटी के दस हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों को बड़ी राहत

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एमएसएमई को बढ़ावा देते हुए स्पेशल क्रेडिट प्रोग्राम का ऐलान, मुद्रा लोन की रकम 10 से बढ़ाकर 20 लाख रुपये की गई
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फोटो-
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल के पहले आम बजट में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को राहत दी है। इससे जिले के करीब दस हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को लाभ मिलने की उम्मीद है।
छोटे उद्यमियों का कहना है कि बजट में एमएसएमई को बढ़ावा देते हुए स्पेशल क्रेडिट प्रोग्राम का ऐलान किया गया है। मुद्रा लोन की रकम 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई। इसके अलावा छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाओं की घोषणा हुई है। इन योजनाओं का उद्देश्य छोटे व्यापारियों को आसानी से कर्ज दिलाना, सरकारी नियमों को सरल बनाना, लोगों को नई स्किल सिखाना और रोजगार के नए अवसर पैदा करना है।
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साइबर सिटी में मारुति सुजुकी, हीरो मोटो कार्प और सुजुकी मोटर की मदर यूनिट हैं। इससे जुड़े हजारों उद्योग इन कंपनियों के लिए कल-पुर्जे बनाते हैं। मानेसर, सेक्टर 37, उद्योग विहार क्षेत्र, बसई, कादीपुर और दौलताबाद समेत अन्य क्षेत्रों में करीब नौ से दस हजार सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (एमएसएमई) हैं। कई बार ऐसे उद्योगों को लोन मिलने में परेशानी होती है और उनका कारोबार आगे नहीं बढ़ पाता। उन्हें बैंक से लोन मिलने में भी परेशानी होती है। कागजी कार्रवाई लंबी होने से बैंक आसानी से लोन नहीं देते हैं।
ऐसे छोटे उद्योगपति लोन को लेकर सरकार से लंबे समय से कदम उठाने की मांग कर रहे थे। ऐसे में मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल में ऐसे उद्योगों को कुछ राहत दी है। शहर के उद्योगपतियों का कहना है कि यदि यह योजनाएं धरातल पर लागू हुई तो छोटे उद्यमियों को काफी राहत मिलेगी।
मंगलवार को केंद्रीय बजट में स्पेशल क्रेडिट प्रोग्राम का ऐलान किया गया है। इससे छोटे और मध्यम उद्योगों को लोन लेने में आसानी होगी। योजना के अनुसार सरकार एक गारंटी फंड बनाएगी जो हर उद्योग को 100 करोड़ रुपये तक की गारंटी देगी। इससे बैंक ज्यादा लोन देने के लिए तैयार होंगे। इस योजना से छोटे उद्योगों को लोन लेने में कम जोखिम होगा। कोई उद्योग मुश्किल दौर से गुजर रहा है तो उसे बैंक का लोन मिलता रहेगा। सरकार एक नई व्यवस्था बनाएगी, जिससे छोटे उद्योगों को आर्थिक समस्याओं के दौरान भी पैसे मिलते रहें। इससे इन प्रकार के उद्योगों को आर्थिक तौर पर मजबूत रहने में मदद मिलेगी।
उद्योपतियों का कहना है कि यदि बैंकों ने इसे लागू किया तो उन्हें राहत मिलेगी। कई बार बैंक लोन देने में आनाकानी करते हैं। बजट में सरकार और निजी कंपनियां मिलकर ई-कॉमर्स निर्यात केंद्र बनाएंगी। इससे उद्योग और कारीगर अपने सामान विदेशों में बेच सकेंगे। सरकार छोटे उद्योगों के खाद्य पदार्थों को सुरक्षित बनाने वाली 50 इकाइयां बनाने में मदद करेगी। इससे खाने की सुरक्षा बढ़ेगी और सामान विदेशों में बेचना आसान होगा।
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उद्यमियों से बातचीत-
देश की अर्थव्यवस्था में छोटे उद्योगों का बड़ा योगदान है। बजट पूरी तरह से रोजगार पर केंद्रित है। बजट किसानों, महिलाओं और युवाओं को मजबूत करने वाला है और विकास की असीम संभावनाएं हैं। सरकार एमएसएमई के लिए टर्म लोन की क्रेडिट स्कीम लाएगी। इससे छोटे उद्योगों को राहत मिलेगी। - दीपक मैनी, चेयरमैन, प्रोग्रेसिव फेडरेशन ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री
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जिले में करीब दस हजार छोटे उद्योग हैं। इस बजट में सरकार ने टर्म लोन की क्रेडिट स्कीम लाने की बात की है। इससे शहर के छोटे उद्यमों को राहत मिलेगी। वहीं,मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दी गई है। युवाओं को अपना कारोबार को खड़ा करने में मदद मिलेगी। - प्रवीन यादव, गुड़गांव इंडस्ट्रियल एसोसिएशन
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मोदी सरकार के तीसरे कार्यकाल के पहले बजट में छोटे व मझोले उद्योगों को राहत दी गई है। मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 20 लाख रुपये होने से युवाओं को रोजगार लगाने में मदद मिलेगी। शहर में काफी संख्या में छोटे उद्योग हैं। इसके अलावा आम लोगों को कर समेत अन्य छूट दी गई हैं। - विनोद दुबे, ओनर कनिष्क इंटरप्राइजेज धनवापुर
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