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Gurugram News: 71 डिफॉल्टर बिल्डरों के बैंक खाते फ्रीज, संपत्तियां होंगी कुर्क

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हरेरा के 446 करोड़ रुपये बिल्डरों पर बकाया, भुगतान न करने पर होगी गिरफ्तारी
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नंबर गेम - 80 करोड़ रुपये वाटिका पर लंबित

अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। घर खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए जिला प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई शुरू की है। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) के आदेशों की अवहेलना करने वाले 71 डिफॉल्टर बिल्डरों और प्रमोटरों के बैंक खाते तत्काल प्रभाव से फ्रीज कर दिए गए हैं। इन बिल्डरों पर कुल 446 करोड़ रुपये बकाया हैं, जिसकी वसूली के लिए रिकवरी सर्टिफिकेट पिछले चार वर्षों से भी अधिक समय से लंबित थे।
जिला प्रशासन ने यह सख्त कदम रेरा अधिनियम, 2016 की धारा 40(1) के तहत उठाया है, जिसके तहत इस राशि को भू-राजस्व के बकाये की तरह वसूला जा सकता है। पंजाब लैंड रेवेन्यू एक्ट के तहत इन प्रमोटरों की चल और अचल संपत्तियों की कुर्की की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। प्रशासन ने साफ किया है कि यदि फ्रीज खातों या कुर्क संपत्तियों से वसूली नहीं हुई, तो डिफॉल्टरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। सभी संबंधित प्रमोटरों को तत्काल बकाया राशि जमा करने का नोटिस जारी किया गया है।
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इन डिफॉल्टर पर है बकाया राशि
प्रमुख डिफॉल्टर बिल्डरों में अंसल हाउसिंग/अंसल कंस्ट्रक्शन हाउसिंग पर 91 करोड़ रुपये बकाया हैं। रहेजा पर 90 करोड़ रुपये और वाटिका पर 80 करोड़ रुपये लंबित हैं। पार्श्वनाथ पर 74 करोड़ रुपये और रामप्रस्थ पर 57 करोड़ रुपये की राशि बकाया है। आईआरईओ पर 24 करोड़ रुपये तथा आईएलडी मिलेनियम पर 8.59 करोड़ रुपये की वसूली होनी है। यह सूची उन बिल्डरों की है जिन पर बड़ी राशि बकाया है।

घर खरीदारों को उनका हक दिलाने के लिए उठाया गया कदम
उपायुक्त उत्तम सिंह ने कहा कि प्राधिकरण द्वारा बिल्डर के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करना अपनी जगह है, लेकिन जब तक वसूली की गई राशि वास्तविक लाभार्थी यानी घर खरीदार तक नहीं पहुंचती, तब तक पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य पूरा नहीं होता। उन्होंने आगे कहा कि जिला प्रशासन यह सुनिश्चित करेगा कि कानूनन घर खरीदारों को मिलने वाली राशि की वसूली प्रभावी ढंग से हो। यह कदम घर खरीदारों को उनका हक दिलाने के लिए उठाया गया है। प्रशासन इस प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाएगा।
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वसूली प्रक्रिया की साप्ताहिक समीक्षा
उत्तम सिंह ने बताया कि जिले में हरेरा की बकाया राशि की वसूली प्रक्रिया पहले धीमी गति से आगे बढ़ पाई थी। वर्तमान कार्रवाई लंबित सभी रिकवरी सर्टिफिकेट की व्यापक समीक्षा के बाद शुरू की गई है। उन्होंने कहा कि वसूली की प्रगति की साप्ताहिक स्तर पर डीसी कार्यालय द्वारा समीक्षा की जाएगी। संबंधित एसडीएम और तहसीलदारों को रिकवरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। जिन घर खरीदारों के पक्ष में हरेरा द्वारा रिकवरी सर्टिफिकेट जारी किए गए हैं, वे अपनी रिकवरी की स्थिति जानने के लिए जिला राजस्व अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। वे संबंधित एसडीएम या तहसीलदार कार्यालय से भी जानकारी ले सकते हैं।
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