संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। बिना वीजा गुरुग्राम में रहने और और हवाला कारोबार के आरोपी ईरानी नागरिक मोहम्मद मुगानी की जमानत याचिका अदालत ने मंजूर कर ली है। अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश तरुण सिंगल की अदालत ने अपने आदेश में कहा कि आरोपी मोहम्मद मुगानी लंबे समय से जेल में है। इस मामले के दूसरे सह आरोपी पुरिया सिराजिफर को जमानत मिल चुकी है। इसलिए समानता के आधार पर आरोपी मुगानी को भी जमानत दी जानी चाहिए।
अदालत ने आरोपी की याचिका एक लाख रुपये के मुचलके पर मंजूर की है। इस मामले के दोनों आरोपी मुगानी व सिराजिफर बिना पासपोर्ट, वीजा के पिछले एक साल से गुरुग्राम में रह रहे थे। आरोपियों द्वारा हरियाणा व दिल्ली के दस्तावेज भी मिलीभगत करके फर्जी तौर पर बनाए गए थे। दोनों पर हवाला के माध्यम से पैसों का लेनदेन करने का भी आरोप है। इसके लिए वह अपना कमीशन लेते थे। सेक्टर 50 थाना पुलिस ने इस मामले में विदेशी अधिनियम, मनी लॉन्ड्रिंग अधिनियम व धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
यह था मामला
मुख्यमंत्री उड़नदस्ते व सीआईए सेक्टर-39 की टीम ने फरवरी 2024 में सेक्टर-49 में बिना वीजा के रह रहे दो ईरानी नागरिकों सिराजिफर और मोहम्मद मुगानी को गिरफ्तार किया था। दोनों ईरानी नागरिकों को मकान मालिक ने बिना सी फार्म व पुलिस वेरिफिकेशन के 16 हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर कमरा दे रखा था। पुलिस जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद मुगानी से लाजपत नगर दिल्ली के पते का आधार कार्ड व पैन कार्ड मिला, जो मोहम्मद हनीफ के नाम से बना हुआ था। साथ ही दूसरे आरोपी सिराजिफर के पास से एक ही आधार नंबर से अब्दुल मुकर्रम के नाम से गुरुग्राम व दिल्ली पते के दो आधार कार्ड मिले थे। आरोपियों से दिल्ली का ड्राइविंग लाइसेंस, गुरुग्राम का वोटर कार्ड, पैन कार्ड, ईरान का बना इंटरनेशनल ड्राइविंग लाइसेंस, हरियाणा का परिवार पहचान पत्र व कर्नाटक बैंक लाजपत नगर दिल्ली के खाते की पासबुक व डेबिट कार्ड भी बरामद किया गया था।