जीएमडीए करीब 3.5 किमी लंबे नाले के लिए बनवा रहा है डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) धनकोट से नजफगढ़ झील तक बादशाहपुर ड्रेन (लेन तीन) को पक्का कराने जा रहा है। ड्रेन कच्चा होने के कारण पानी निकासी में कई बार दिक्कतें आती हैं। ऐसे में भारी बारिश में पानी कई बार खेतों में भी फैल जाता है। कच्चा होने से इसके टूटने की आशंका रहती है। जीएमडीए करीब 3.5 किमी नाले को पक्का करने के लिए डीपीआर तैयार करा रहा है, जिससे शेष कार्य को सिरे चढ़ाया जा सके।
योजना के अनुसार नाले की दीवार को कंकरीट से तैयार कराया जाएगा। यह पूरा नाला ऊपर से कवर नहीं होगा। बादशाहपुर ड्रेन के ऊपरी हिस्से में चेकडैम का निर्माण किया गया है ताकि ड्रेन में पानी का बहाव कम हो। जीएमडीए के अधीक्षण अभियंता सुधीर रंसीवाल ने बताया कि शेष नाले को पक्का करने की योजना है। जल्द ही इसे सिरे चढ़ाया जाएगा।
बांध बने तो मिले राहत
दिल्ली क्षेत्र में स्थित नजफगढ़ करीब 47 किलोमीटर लंबा है। गुरुग्राम के तीनों लेग का पानी नजफगढ़ ड्रेन से यमुना नदी में जाता है। ऐसे में नजफगढ़ लेग में पानी की निकासी सही तरीके से नहीं होने से किसानों की करीब चार हजार एकड़ में पानी जमा हो जाता है और किसान जमीन पर खेती कार्य नहीं कर पाते हैं। ऐसे में सिंचाई विभाग ने दिल्ली सीमा पर बांध बनाने की योजना तैयार की थी, जिसका दिल्ली सरकार ने एतराज जताया था। दिल्ली सरकार के मुताबिक बांध होने से दिल्ली के कई हिस्सों में जलभराव की समस्या उत्पन्न हो सकती है। तब से यह मामला अटका हुआ था।
धनकोट तक पक्का हो चुका नाला
शहर में बरसाती पानी निकासी के तीन प्रमुख नाले हैं, जो मानसून के दौरान शहर के पानी को नजफगढ़ नाले तक ले जाते हैं। इसमें लेग-1 नाला (सिकंदरपुर से पालम विहार होते हुए नजफगढ़), लेग-II नाला (सेक्टर-42 से हुडा सिटी सेंटर होते हुए नजफगढ़) और लेग-III नाला (घाटा गांव से वाटिका चौक, हीरो होंडा चौक, सेक्टर-99 होते हुए नजफगढ़ नाला) जिसे बादशाहपुर ड्रेन भी कहा जाता है। बादशाहपुर ड्रेन को जरूरत के अनुसार घाटा से लेकर धनकोट तक पक्का किया जा चुका है और कवर कर दिया गया है। इससे लोगों को नाले के दुर्गंध से राहत मिली है।