अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) गुरुग्राम से झज्जर तक छह लेन का हाईवे बना रहा है। हरियाणा सरकार के सर्वे के बाद एनएचएआई ने तीन संभावित मार्गों की रिपोर्ट एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी को मंजूरी के लिए भेजी है। करीब 33 किलोमीटर लंबी इस प्रस्तावित परियोजना के संभावित मार्ग की मंजूरी का इंतजार है, जिससे डीपीआर बनाने का काम रुका है।
यह हाईवे गुरुग्राम, विशेषकर न्यू गुरुग्राम व द्वारका एक्सप्रेसवे, और झज्जर के बीच सीधी व तेज कनेक्टिविटी देगा। परियोजना पर तीन हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने का अनुमान है। इससे करीब एक लाख लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी। दिल्ली-जयपुर हाईवे और लॉजिस्टिक्स हब के ट्रैफिक जाम से भी बड़ी राहत मिलेगी। छह लेन चौड़ा हाईवे बनाने के लिए एनएचएआई के पास तीन विकल्प हैं।
सर्विस रोड का भी होगा निर्माण
पहला विकल्प मौजूदा सड़क को छह लेन तक चौड़ा करना है। इसमें सर्विस रोड भी बनाई जाएगी। वजीरपुर से झज्जर (वाया फर्रुखनगर) तक की इस सड़क के लिए करीब 395 एकड़ जमीन अधिग्रहण की आवश्यकता होगी। दूसरा विकल्प गुरुग्राम के हरसरू गांव से झज्जर तक खेतों के बीच से हाईवे निकालना है। इसके लिए 495 एकड़ भूमि की जरूरत पड़ेगी, जिसमें से 400 एकड़ जमीन सरकार की है। तीसरा विकल्प गुरुग्राम-पटौदी रोड से वजीरपुर गांव होते हुए झज्जर तक हाईवे बनाना है। इस रूट के लिए करीब 475 एकड़ जमीन अधिग्रहण करना होगा।
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गुरुग्राम से वजीरपुर होते हुए झज्जर तक बनाए जाने वाले हाईवे को लेकर किए गए सर्वे की रिपोर्ट को मुख्यालय भेजी जा चुकी है। अभी हाईवे के लिए किसी विकल्प को मंजूरी नहीं मिली है। हाईवे बनाने के लिए जिस रास्ते की मंजूरी मिलेगी, उसी अनुसार डीपीआर तैयार करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।
- योगेश तिलक, परियोजना निदेशक, एनएचएसआई