एवियन फ्लू के लक्षण भी सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं। लेकिन सांस लेने में समस्या और हर वक्त उल्टी होने का एहसास इसके खास लक्षण हैं। इनके अलावा बुखार, हमेशा कफ रहना, नाक बहना, सिर में दर्द, गले में सूजन, मांसपेशियों में दर्द, दस्त, हर वक्त उल्टी-उल्टी सा महसूस होना, पेट के निचले हिस्से में दर्द, सांस लेने में समस्या, सांस ना आना, निमोनिया जैसे सामान्य लक्ष्ण से एरियन फ्लू की संभावना रहती है।
इस फ्लू वायरस के इंसान में फैलने की सबसे ज्यादा संभावना तब होती है जब व्यक्ति संक्रमित पक्षियों के संपर्क में आता है। अगर यह वायरस किसी व्यक्ति को हो जाए तो ये संक्रमण दूसरे व्यक्ति को भी हो सकता है। उस पानी से स्नान करने पर भी इंसान को एवियन फ्लू हो सकता है। जिस पानी में संक्रमित पक्षियों का मल हो।
ऐसे वातावरण में सांस लेना जहां संक्रमित पक्षी हों। पोल्ट्री फॉर्म में काम करने वाले व्यक्ति को सबसे ज्यादा फ्लू होने का डर रहता है। कच्चे या अधपके चिकन का सेवन भी घातक हो सकता है।
फ्लू से बचाव :
डॉ. विरेंद्र यादव के अनुसार संक्रमित पक्षियों से दूर रहें, खासकर मरे पक्षियों से बिल्कुल दूर रहें। एवियन फ्लू का संक्रमण अगर फैला है तो नॉनवेज न खाएं। नॉनवेज खरीदते समय साफ-सफाई पर नजर रखें। अपने हाथों को बार बार धोते रहें। ऐसे सैनिटाइजर का इस्तेमाल करें जिसमें एल्कोहल की मात्रा 60 प्रतिशत तक हो। संक्रमण वाले एरिया में कोशिश करें कि न जाएं, अगर किसी कारण जाना पड़े तो मास्क पहनकर जाएं। अगर आपको अपने अंदर फ्लू के लक्षण महसूस हों तो इन्फ्लूएंजा के टीके के बारे में जानकारी लें और टीका लगवाएं।