अपने 1088 ईडब्ल्यूएस मकान ध्वस्त करेगा प्राधिकरण
सेक्टर-47 स्थित जमीन के करीब मेट्रो सहित कई बड़े प्रोजेक्ट आने से जमीन हुई बेशकीमती
यहां पर बने ईडब्ल्यूएस मकानों के बदले सेक्टर-नौ में पांच एकड़ में बनाए जाएंगे मकान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। मेट्रो विस्तार सहित अन्य कई परियोजनाओं के आसपास आने से सेक्टर-47 स्थित हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) की 20 एकड़ जमीन की व्यावसायिक उपयोगिता और कीमत बहुत बढ़ गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्राधिकरण अब 13 साल पहले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के लिए बनाए 1088 घरों को ध्वस्त करके इस जमीन से ज्यादा से ज्यादा राजस्व अर्जित करने की योजना बना रहा है।
मौजूदा समय में इस जमीन की कीमत दो से ढाई हजार करोड़ तक आंकी जा रही है। पात्रता संबंधी अड़चनों के कारण यहां पर बने घरों को किसी को आवंटित भी नहीं किया गया था। इसके बदले में प्राधिकरण सेक्टर-नौ में ईडब्ल्यूएस वर्ग के लिए फ्लैटों का निर्माण करके समायोजित करने जा रहा है। सेक्टर-47 में जिस जगह यह ईडब्ल्यूएस मकान बने हैं, वहां एक जिला केंद्र और मेट्रो विस्तार योजना के तहत पास ही में मेट्रो स्टेशन प्रस्तावित है। साथ ही अफोर्डेबल होम फर्नीचर बनाने वाली कंपनी आइकिया भी यहां पर मिश्रित वाणिज्यिक उपयोग वाली एक बड़ी परियोजना लेकर आ रही है। इन्हीं बातों को देखते हुए प्राधिकरण ने फैसला लिया है कि यहां बने मकानों को ध्वस्त कर अधिक से अधिक राजस्व अर्जित किया जाए। घरों को बनाने की कीमत 13 साल पहले करीब 50 करोड़ रुपये तक रही होगी। उपयोग में नहीं हाेने से मकान खराब हो गए हैं।
सेक्टर-नौ में हुई भूमि की पहचान
प्राधिकरण के संपदा अधिकारी प्रथम विकास ढांडा कहते हैं कि सेक्टर-47 की लगभग 20 एकड़ जमीन बहुत कीमती है। यह जिला केंद्र के पास है। वहां एक बड़ी कंपनी आइकिया मिश्रित उपयोग वाली वाणिज्यिक परियोजना लेकर आ रही है। इस जमीन को ग्रुप हाउसिंग के लिए नीलाम किया जाएगा। इसके साथ ही ईडब्ल्यूएस आवंटियों को सेक्टर-नौ परियोजना में समायोजित किया जाएगा। इसके लिए सेक्टर-नौ में लगभग पांच एकड़ जमीन की पहचान कर ली गई है।
जिले में 6200 ईडब्ल्यूएस फ्लैटों के लिए 18 हजार आवेदन
जिला नगर योजनाकार विभाग के मुताबिक, ईडब्ल्यूएस श्रेणी में 6,200 फ्लैटों के लिए 18,000 परिवारों ने आवेदन किया है। वरिष्ठ नगर योजनाकार ने राज्य सरकार के नागरिक संसाधन सूचना विभाग को ईडब्ल्यूएस आवंटियों के दस्तावेजों को सत्यापित करने के लिए लिखा है, जिससे सही लाभार्थियों को घर आवंटित कर सकें। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (डीटीसीपी) के एक अधिकारी ने कहा कि उन्होंने संबंधित विभाग को जल्द से जल्द वास्तविक लाभार्थियों की पहचान करने के लिए लिखा है, ताकि उनके घर आवंटित किए जा सकें। यह निर्देश ईडब्ल्यूएस आवंटियों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा विभाग के अधिकारियों से मुलाकात और फ्लैटों के शीघ्र आवंटन की मांग के बाद आया है।