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‘इलाके का डॉन बनना चाहता था आसिफ’

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सोहना (सतीश राघव )। नूंह के गांव खेड़ा खलीलपुर निवासी आसिफ की हत्या के मामले में करीब तीन दर्जन लोगों पर मुकदमे की कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीण खफा हैं। उनका कहना है कि पुलिस ने जो लोग गिरफ्तार किए हैं वो सभी निर्दोष हैं, क्योंकि यह मामला दो लोगों के आपसी झगड़े को लेकर था, लेकिन कुछ शरारती तत्व इसे दो समुदायों के साथ जोड़कर लोगों को भड़काने का काम कर रहे हैं, जो गलत है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस मृतक आसिफ को हीरो बनाने की कोशिश की जा रही है वो एक अपराधी था, उस पर दर्जनों मुकदमे दर्ज हैं, वह इलाके का डॉन बनना चाहता था।
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आसिफ की हत्या के मामले में तीन दर्जन लोगों पर कार्रवाई को लेकर क्षेत्र के लोगों ने सभा का आयोजन किया। बताया कि रोजका मेव थाना पुलिस ने आसिफ की हत्या में 14 नामजद व करीब 15-20 लोगों के खिलाफ अपहरण व हत्या का मुकदमा दर्ज कर छह लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया गया है। वहीं पुलिस बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है। आरोप लगाया कि इस मामले में पुलिस ने दबाव में आकर इन सभी निर्दोष लोगों पर कार्रवाई की है।
आसिफ को शह देने वाले कई लोगों ने पुलिस पर दबाव बनाने के लिए रात में कई घंटों तक दिल्ली-अलवर मार्ग पर जाम लगाया था। ऐसे लोगों पर भी अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। गुर्जर समाज के नेता सतबीर पहलवान ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि एक कमेटी सोहना विधायक के नेतृत्व में एसपी नूंह से मिल कर पूरे मामले के बारे में विस्तार से चर्चा करेगी और निर्दोष लोगों को इस मामले से निकालने के लिए आग्रह करेगी। अगर फिर भी निर्दोष लोगों को नहीं निकाला गया तो क्षेत्रवासी आपस में बैठक कर कोई बड़ा फैसला लेंगे, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन व सरकार की होगी।
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अपराधी किस्म का व्यक्ति था आसिफ : थाना प्रभारी
थाना प्रभारी मलखान सिंह के अनुसार मृतक आसिफ एक अपराधी किस्म का व्यक्ति था। पुलिस जांच के दौरान उसके खिलाफ साल 2018 में नूंह पुलिस थाना व साल 2020 में सोहना सिटी पुलिस थाने में लोगों को बंधक बनाकर लूटपाट करने व मारपीट करने जैसे मुकदमे दर्ज पाए गए हैं। इसके अलावा उत्तरप्रदेश में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज बताए जा रहे हैं, जिनमें वह जेल में रहने के बाद बेल पर बाहर आया हुआ था। वह इलाके का डॉन बनना चाहता था। इसे लेकर कई गांवों के लोग परेशान थे। इधर खेड़ा खलीलपुर निवासी पटवारी व अडवाणी भी झगड़ालू किस्म के व्यक्ति थे। पटवारी व आसिफ के बीच तलवारें खिंचती चली गई और मृतक के पिता के अनुसार 17 मई को पटवारी ने अपने दोस्तों के साथ मिलक आसिफ को अगवा कर उसकी हत्या कर दी। सोहना विधायक कंवर संजय सिंह की कोठी पर पहुंचे लोगों ने इस मामले में निर्दोष लोगों को बचाने की गुहार लगाई है।
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