बजघेड़ा स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री व गोदाम में लगी आग, 10 घंटे में पाया काबू
झुग्गियों में सात घंटे में बुझी आग, छोटे सिलिंडर फटने से हुए धमाके
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गर्मी बढ़ते ही साइबर सिटी में आग लगने की घटनाएं बढ़ गई हैं। रविवार की सुबह करीब 4 बजे बजघेड़ा स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री व गोदाम में आग लग गई। सुबह 4.20 बजे भीमनगर फायर स्टेशन को सूचना मिली थी।
प्लास्टिक के सामान में लगी आग को दमकल टीमों द्वारा करीब 10 घंटों की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका। वहीं, शनिवार की रात को सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास झुग्गियों में आग लग गई थी, जिस पर सात घंटों में काबू पाया गया। आगजनी की दोनों घटनाओं में किसी व्यक्ति के हताहत होने या झुलसने की सूचना नहीं है। रविवार की सुबह करीब 4 बजे बजघेड़ा स्थित प्लास्टिक फैक्ट्री व गोदाम में भीषण आग लग गई। धीरे-धीरे आग ने भयावह रूप ले लिया और आसपास के दूसरे गोदामों तक पहुंचनी शुरू हो गई। फैक्ट्री कर्मचारियों ने शुरू में खुद ही आग पर बुझाने का प्रयास किया लेकिन आग नहीं बुझने के कारण सुबह 4.20 बजे फायर ब्रिगेड व पुलिस को सूचना दी। प्लास्टिक की फैक्ट्री व गोदाम में आग लगने की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पहुंची और आग बुझाने में जुट गई।
प्लास्टिक की फैक्ट्री व गोदाम में आग बुझाने के लिए भीमनगर फायर स्टेशन, पटौदी फायर स्टेशन, मानेसर फायर स्टेशन, सेक्टर-29 फायर स्टेशन, सेक्टर-37 फायर स्टेशन के अलावा एम3एम, मारुति कंपनी व हल्दीराम से करीब 15 दमकल गाड़ियों को आग बुझाने के लिए बुलाया गया। बताया जा रहा है कि गोदाम में रखे प्लास्टिक व ज्वलनशील सामग्री के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया और आसपास की सोसाइटियों में अफरा-तफरी मच गई। प्लास्टिक में लगी आग के कारण धुआं कई किलोमीटर दूर से ही दिखाई दे रहा था। आग की भयावहता को देखते हुए पुलिस ने आसपास क्षेत्र को खाली कराया।
वर्जन
प्लास्टिक की फैक्ट्री व गोदाम में लगी आग पर दोपहर तक काबू पाया जा सका। दोपहर करीब 2.20 बजे तक गाड़ी वापस पहुंची। प्लास्टिक का सामान होने के कारण आग बुझाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी।
-नरेंद्र यादव, अधिकारी, भीमनगर फायर स्टेशन
सात घंटे में बुझ सकी झुग्गियों की आग
सिकंदरपुर मेट्रो स्टेशन के पास लगी आग पर करीब सात घंटे में काबू पाया जा सका। झुग्गियों में शनिवार की रात करीब 9 बजे आग लगी थी। इन झुग्गियों में पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड आदि प्रदेशों के लोग रह रहे थे। आग लगने के कारणों का पता नहीं लग पाया है। संभावना है कि शार्ट सर्किट या किसी झुग्गी में खाना बनाते समय चिंगारी से आग लगी होगी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। यहां पर सेक्टर-29 फायर स्टेशन से तीन गाड़ियां, सेक्टर-37 फायर स्टेशन से एक, उद्योग विहार फायर स्टेशन से एक, एंबियंस मॉल व डीएलएफ की एक-एक गाड़ी से झुग्गियों में आग बुझाई। आगजनी के दौरान झुग्गियों में रखे कई छोटे सिलिंडर फटने से धमाके भी हुए थे।
वर्जन
इस आगजनी में कोई घायल नहीं हुआ है। झुग्गियों के पास प्लास्टिक का सामान, बोतलें, कूड़ा आदि रखा था, जिससे आग ने विकराल रूप ले लिया था। प्लास्टिक के सामान में लगी आग को बुझाने में काफी समय लगा।
-नरेश कुमार, सब ऑफिसर, सेक्टर-29 फायर स्टेशन
कर्मचारियों के हड़ताल पर होने से परेशानी
फायर विभाग के कच्चे कर्मचारियों के हड़ताल पर होने के कारण आग बुझाने में दमकल कर्मचारियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दमकल गाड़ियों को चलाने के लिए रोडवेज के चालकों को तैनात किया गया है। वहीं, आग बुझाने के काम फायर विभाग के स्थायी कर्मचारी, सिविल डिफेंस के सदस्य कर रहे हैं। ऐसे में आग की बड़ी घटनाओं में फायर विभाग के अनुभवी कर्मचारियों की कमी खल रही है। वहीं, सरकार की ओर से मांग पूरी न करने के विरोध में कच्चे कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर हैं।