फर्रुखनगर। गत सप्ताह झज्जर के बेरी में सड़क दुर्घटना में घायल हुए सेना के जवान तिलक राज ने दिल्ली के आरआर अस्पताल में दम तोड़ दिया। शनिवार को गांव सुलतानपुर में सशस्त्र सलामी के साथ जवान को विदाई दी गई। सिपाही के पद पर भर्ती तिलकराज को 17 राजपूत बटालियन में तैनात किया गया था। शनिवार को जवान का शव लेकर गांव सुलतानपुर पहुंचे 17 सिख बटालियन दिल्ली के कैप्टन सागर मुदगिल समेत एक गार्ड ऑफिसर, दो जेसीओ, 35 अन्य जवानों ने अंतिम संस्कार से पहले सशस्त्र सलामी दी।
सरपंच राकेश चौहान सहित सेना के उच्च अधिकारियों ने तिलकराज के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाया। तिरंगे में लिपटे तिलक राज के पार्थिव शरीर के अंतिम दर्शन के लिए सैकड़ों क्षेत्रवासी पहुंचे और श्रद्धासुमन अर्पित कर विदाई दी। परिवार के सदस्यों के मुताबिक, 8 नवंबर को तिलक राज अपनी शादी के लिए दो महीने की छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। 27 नवंबर को सोहना के गांव आटा उसकी शादी हुई थी। गत सप्ताह अपने दोस्त जिले सिंह के साथ अपनी मारुति कार में भिवानी किसी कार्य से जा रहे थे। जैसे ही बेरी थाना सीमा क्षेत्र में पहुंचे तो सड़क पर घूम रहे पशुओं को बचाने के चक्कर में कार अनियंत्रित हो गई और पलटते हुए पास के खेतों में जा गिरी। इस घटना में तिलकराज को चोटें लगने के कारण रोहतक पीजीआई में भर्ती कराया गया। हालत में सुधार न होने पर उन्हें दिल्ली के आरआर अस्पताल रेफर कर दिया गया। एक सप्ताह तक जूझने के बाद शनिवार को उन्होंने दम तोड़ दिया।
तिलकराज के परिवार में माता-पिता के साथ उनकी छोटी बहन रहती है। 27 नवंबर को तिलकराज की शादी हुई थी। तिलक राज की शादी के बाद से परिवार खुशियां मना रहा था। इस घटना से तिलकराज की पत्नी को गहरा सदमा लगा है। परिवार का रो-रो कर बुराहाल है।