पुरानी बसों का स्थान लेंगी, 36 सीटर होंगी नई बसें
जीएमसीबीएल के बेड़े को मिली पहली इलेक्ट्रिक बस
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। जीएमसीबीएल के निदेशक मंडल की 40वीं बैठक मंगलवार को आयोजित हुई। ऑनलाइन हुई बैठक में गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में जीएमसीबीएल बोर्ड ने नई सीएनजी बसों की खरीद को मंजूरी दी है। ऐसे में बेड़े में जल्द ही नई सीएनजी बसें शामिल होंगी। अत्याधुनिक बीएस-6 में 36 सीटर सीएनजी बसें वर्तमान में चल रहीं पुरानी सिटी बसों का स्थान लेंगी।
मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की बैठक में हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं आधारभूत संरचना विकास निगम (एचएसआईआईडीसी) के प्रबंध निदेशक सुशील सरवान, नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया, गुरुग्राम के उपायुक्त उत्तम सिंह, जीएमसीबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्वजीत चौधरी, पुलिस उपायुक्त (यातायात) प्रतीक गहलोत, जीएमसीबीएल के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविंद्र कुमार, एसडीएम मानेसर दर्शन यादव सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जीएमसीबीएल के बेड़े में 25 नई मानक फर्श (स्टैंडर्ड फ्लोर) वाली बीएस-6 सीएनजी बसों को शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। 12 मीटर लंबी इन बसों में 36 यात्रियों के बैठने की क्षमता होगी। नई बसें वर्तमान में संचालित उन 25 बसों का स्थान लेंगी, जिनकी उपयोगी परिचालन अवधि लगभग पूरी हो गई है। नई बसों के शामिल होने से सार्वजनिक परिवहन सेवा की यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।
इलेक्ट्रिक बसों की प्रगति काे लेकर हुई समीक्षा
ऑनलाइन बैठक में जीएमसीबीएल के बेड़े में शामिल की जाने वाली इलेक्ट्रिक बसों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। पहली पूर्ण वातानुकूलित (एयर कंडीशंड) 25 सीटर इलेक्ट्रिक बस जीएमसीबीएल डिपो में पहुंच चुकी है। उक्त बस का जल्द ट्रायल शुरू किया जाएगा। यह गुरुग्राम के लिए प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बसों के नए बेड़े की पहली बस है। जल्द ही 24 इलेक्ट्रिक बसें भी जीएमसीबीएल के बेड़े में शामिल होंगी। विभिन्न चरणों में 100 इलेक्ट्रिक बसें शामिल किए जाने की योजना है। इससे यात्रियों को स्वच्छ, आधुनिक, आरामदायक व पर्यावरण अनुकूल यात्रा का अनुभव मिलेगा।
सिटी बसों में यूपीआई से हो रहा किराये का भुगतान
जीएमसीबीएल की सभी सिटी बसों में यात्री किसी भी यूपीआई आधारित एप्लीकेशन के माध्यम से किराये का भुगतान किया जा रहा है। जीएमसीबीएल अधिकारियों के अनुसार डिजिटल भुगतान में लगातार वृद्धि हो रही है। वर्तमान में कुल किराया संग्रह का करीब 30 फीसदी भुगतान डिजिटल माध्यम से किया जा रहा है। सिटी बसों में सफर करने वाले यात्री कैशलेस भुगतान में विश्वास कर रहे हैं।
जीएमसीबीएल बोर्ड ने सिटी बस बेड़े को बेहतर बनाने व यात्रियों की सुविधाओं के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। जल्द ही गुरुग्राम में सार्वजनिक परिवहन के तौर पर सिटी बसें यात्रियों को बेहतरीन सफर कराएंगी। सिटी बसों के ब्रेकडाउन की समस्या का समाधान कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। नई बसों के आने के बाद यात्रियों को सभी रूटों पर बेहतर बस सुविधा मिलेगी।
- विश्वजीत चौधरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जीएमसीबीएल