-निवेशकों और लोन की राशि को दूसरी कंपनी में भेजने का है आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। 1596 से करोड़ रुपये से अधिक के धोखाधड़ी के मामले में जिला अदालत ने एसआरएस कंपनी के पूर्व निदेशक सचिन गोयल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस (एसएफआईओ) ने एसआरएस लिमिटेड और उसकी सहयोगी कंपनियों पर बैंकों से 1596.91 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप पर मामला दर्ज किया है। यह आदेश अतिरिक्त सत्र एवं न्यायाधीश जगदीप सिंह की अदालत ने दिया है।
एसआरएस कंपनी के प्रमुख अनिल जिंदल, बिशन बंसल, सुशील सिंघला आदि पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक से लिए गए लोन, पब्लिक डिपॉजिट और ग्राहकों से मिले रुपये से धोखाधड़ी की। आरोपी सचिन गोयल पर एसआरएस पोर्टफोलियो लिमिटेड और लिस्बन फेसिलिटीज सर्विसेज लिमिटेड (पूर्व में एसआरएस ग्लोबल सिक्योरिटीज लिमिटेड) के 2014-15 से 2016-17 के फर्जी वित्तीय विवरण पर हस्ताक्षर करने का आरोप है। बचाव पक्ष ने दलील दी थी कि उनके पुराने पता पर अदालत के समन गए थे। उन्होंने वह घर बेच दिया था। अभियोजन पक्ष की तरफ से दी गई दलील में कहा गया कि वह जानबूझकर अदालती प्रक्रिया से बचने की कोशिश कर रहा है। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।