भुगतान न मिलने से बढ़ी नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने जनगणना ड्यूटी लगाने के फैसले का विरोध जताया है। उनका कहना है कि पहले से ही उनके पास विभागीय कार्यों का अत्यधिक बोझ है, ऐसे में अतिरिक्त ड्यूटी देना उनके लिए संभव नहीं है।
आंगनबाड़ी वर्कर यूनियन की जिला प्रधान एवं प्रदेश उपाध्यक्ष रीता धारीवाल ने बताया कि जनगणना ड्यूटी के कारण उनका नियमित काम प्रभावित होगा, जिससे बच्चों और महिलाओं से जुड़ी सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि वे पहले ही कई योजनाओं के तहत जिम्मेदारियां निभा रही हैं, जिनमें पोषण ट्रैकर और अन्य सरकारी कार्य शामिल हैं। ऐसे में जनगणना जैसे बड़े कार्य की जिम्मेदारी देना उनके लिए अतिरिक्त दबाव पैदा करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मौजूदा समस्याओं का समाधान नहीं किया जाता, तब तक वे नई ड्यूटी स्वीकार नहीं करेंगी।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले करीब 10 महीनों से उन्हें केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाला मानदेय नहीं मिला है। इसके साथ ही नेट भत्ता और सीबीई का भुगतान भी लंबित है। पोषण ट्रैकर जैसे कार्यों का भुगतान भी समय पर नहीं किया जा रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर होती जा रही है और परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगी। उन्होंने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर समाधान नहीं हुआ, तो जिला मुख्यालय पर सामूहिक विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित विभाग की होगी। रीता धारीवाल ने प्रशासन से मांग की है कि कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द समाधान किया जाए, ताकि वे बिना किसी बाधा के अपने कर्तव्यों का निर्वहन कर सकें। वहीं जिला कार्यक्रम अधिकारी सीमा प्रसाद ने कहा कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है और न ही कार्यकर्ताओं ने जनगणना ड्यूटी से उन्हें मना किया है।