डीएलएफ कंपनी की ओर से दी गई पुलिस को शिकायत
कंपनी का आरोप- पता चलने के बावजूद भी राशि निकाली
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। बिल्डर कंपनी डीएलएफ के अधिकृत एक एजेंट ने कंपनी के प्रोजेक्ट में प्रॉपर्टी बेची लेकिन ब्रोकरेज दूसरा अधिकृत एजेंट ले गया। कंपनी की ओर से एक समान नाम होने के कारण गलती से उसे कमीशन पर क्लेम लेने का ईमेल कर दिया गया था। आरोप है कि आरोपी एजेंट ने भी पता होते हुए 28.92 लाख रुपये की पेमेंट ईमेल के जवाब में अपने खाते की डिटेल व बिल लगाकर हासिल कर ली। पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि डीएलएफ फेज-3 थाना में प्राथमिकी दर्ज कर टीम ने जांच शुरू की है।
मामले में बिल्डर कंपनी की ओर से संदीप कुमार ने पुलिस को शिकायत दी है। इसमें बताया गया कि साल 2023 में विवेक कुमार सिंह कंपनी से रियल एस्टेट एजेंट/ब्रोकर के रूप में जुड़ा। साल 2025 में विवेक कुमार सिंह नाम के ही एक अन्य रियल एस्टेट एजेंट ने भी कंपनी जॉइन की। साल 2025 में जुड़े विवेक कुमार सिंह ने सेक्टर-76 स्थित डीएलएफ प्रिवाना नॉर्थ प्रोजेक्ट में एक अपार्टमेंट सेल कराया। इस डील के बदले कंपनी को नामित एजेंट को नियम अनुसार ब्रोकरेज देनी थी।
आरोपी ब्रोकर ने गलत साइन कर दिया चेक हुआ बाउंस
आरोप है कि 12 दिसंबर 2025 को कंपनी की कस्टमर सर्विस टीम के कर्मचारी ने गलती से दूसरे एजेंट विवेक कुमार सिंह को ईमेल भेजकर कमीशन का बिल जमा करने को कहा। आरोपी विवेक कुमार सिंह ने अपनी सेल न होने के बावजूद ईमेल में बिल व बैंक खाते की डिटेल भेज दी। इस पर कंपनी की ओर से उसे 28.92 लाख रुपये की पेमेंट ट्रांसफर कर दी गई। बाद में 20 मार्च को असल एजेंट ने ब्रोकरेज राशि के लिए कंपनी से संपर्क किया तो गड़बड़ी का पता चला। कंपनी की ओर से आरोपी से संपर्क कर पेमेंट का चेक लिया गया तो वो गलत साइन के चलते बाउंस हो गया। कंपनी का आरोप है कि एजेंट की पैसे लौटाने की नीयत नहीं है। इसी कारण उसने गलत साइन कर चेक दिया जो बाउंस हो गया।