- 102 करोड़ की योजना से सोहना और 13 गांवों तक पहुंचना था नहरी पानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोहना। सोहना कस्बे में अमरूत-2 योजना तीन साल बाद भी धरातल पर नहीं उतर सकी है। करीब 102 करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य शहर और आसपास के 13 गांवों तक नहरी पानी पहुंचाना था, लेकिन अब तक इसे मंजूरी नहीं मिल पाई है। ऐसे में योजना फिलहाल केवल फाइलों तक सीमित होकर रह गई है। जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने अटल कायाकल्प एवं शहरी परिवर्तन मिशन (अमरूत-2) के तहत योजना का प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा था। योजना के तहत करीब 93 किलोमीटर लंबी डीआई पाइप लाइन बिछाई जानी थी। साथ ही घामडोज ट्रीटमेंट प्लांट की क्षमता 27 एमएलडी से बढ़ाकर 32 एमएलडी करने का प्रस्ताव भी शामिल था।
योजना लागू होने पर सोहना शहर के अलावा जखोपुर, रायपुर, लोहटकी, सांपकी नंगली, धुनेला, सोहना ढाणी, खाईका, लाखुवास, बालूदा और सिरस्का समेत 13 गांवों को नहरी पानी की सुविधा मिलनी थी। वर्तमान में केवल जखोपुर और रायपुर गांव तक ही नहरी पानी पहुंच पा रहा है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्याप्त पानी की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन योजना शुरू न होने से लोगों को राहत नहीं मिल पा रही।
योजना का विस्तृत एस्टीमेट उच्च अधिकारियों को भेजा जा चुका है। सरकार से फंड मंजूर होते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा। - खुर्शीद, जेई, सोहना जनस्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग