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खुद ‘बीमार’ हुई एंबुलेंस सेवा: टायर नहीं मिले तो दो महीने से खड़ी हैं गाड़ियां, संकट में मरीजों की जान

Tue, 14 Jul 2026 09:09 PM IST
विकास कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, गुरुग्राम

सार

नागरिक अस्पताल की किलकारी एंबुलेंसों के टायर पूरी तरह खराब हो चुके हैं। नए टायर उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले दो माह से एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी हैं।
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खराब टायरों के कारण अस्पताल में खड़े एंबुलेंस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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स्वास्थ्य विभाग की एंबुलेंस सेवाएं इन दिनों कुल सात तकनीकी और प्रशासनिक कारणों से प्रभावित हैं। कई एंबुलेंसों के टायर खराब होने के बावजूद नए टायर उपलब्ध नहीं होने से वे संचालन से बाहर हैं। वहीं, कुछ एंबुलेंसों को वीआईपी कार्यक्रमों में ड्यूटी पर भेजे जाने के कारण सामान्य मरीजों के लिए वाहनों की कमी बनी हुई है। इसके चलते मरीजों को समय पर आपातकालीन परिवहन सुविधा उपलब्ध कराने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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दो महीने से खड़ी एंबुलेंस
नागरिक अस्पताल की किलकारी एंबुलेंसों के टायर पूरी तरह खराब हो चुके हैं। नए टायर उपलब्ध नहीं होने के कारण पिछले दो माह से एंबुलेंस अस्पताल परिसर में खड़ी हैं। अधिकारियों के अनुसार, जेम पोर्टल पर निर्धारित श्रेणी के टायर उपलब्ध नहीं होने से खरीद प्रक्रिया लंबित है, इससे एंबुलेंसों का संचालन प्रभावित हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग के पास वर्तमान में 27 से 28 एंबुलेंस है, जिसमें से सात प्रभावित है।

पंचर होने के कारण मरीज को ले जाने में होती है देरी
खराब टायरों के कारण एंबुलेंस को चलाने में लगातार दिक्कतें आ रही थीं। कई बार रास्ते में टायर पंचर होने जैसी समस्याएं सामने आईं, जिससे मरीजों को ले जाने में देरी होती थी। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल एंबुलेंस को अस्पताल परिसर में ही खड़ा कर दिया गया है। विभाग का दावा है कि वैकल्पिक व्यवस्था के माध्यम से मरीजों को आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

बीच रास्ते में दम तोड़ रही एंबुलेंस
खराब टायरों के कारण एंबुलेंसों को बीच रास्ते में ही रुकने की नौबत आ रही है। कई बार टायर पंचर होने या हवा निकलने जैसी समस्याएं सामने आती हैं, जिससे एंबुलेंस संचालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इससे मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में भी बाधा उत्पन्न होती है और आपातकालीन सेवाएं प्रभावित होती हैं।

निजी एजेंसी के माध्यम से कराई जाती मरम्मत
एंबुलेंसों का रखरखाव और मरम्मत कार्य निजी एजेंसी के माध्यम से कराया जाता है। ऐसे में मरम्मत कार्य की प्रगति और एंबुलेंसों की वास्तविक स्थिति की समय पर जानकारी नहीं मिल पाती है।

इन स्वास्थ्य केंद्रों पर खड़ी एंबुलेंस
-पीएचसी दौलताबाद
-पीएचली गढ़ी
-पीएचसी भौराकला
-पीएचसी कासन
-नागरिक अस्पताल
-दो किलकारी एंबुलेंस
 
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अधिकारी का बयान
मामला पहले संज्ञान में नहीं था, लेकिन अब इसकी जानकारी मिलते ही संबंधित एजेंसी को आवश्यक निर्देश दे दिए गए हैं। एंबुलेंस के टायर से जुड़ी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर वाहन को दोबारा सेवा में शामिल किया जाएगा। -डॉ. आशीष त्यागी, एंबुलेंस- आरटीएस विभाग, नोडल अधिकारी
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