गुरुग्राम। मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी परियोजना के निदेशक डॉ. राकेश गुप्ता ने कहा कि सभी विभागों को ई-आफिस पर ‘ऑन बोर्ड‘ हो जाने चाहिए। प्रत्येक विभाग के अधिकारी सप्ताह में कम से कम 10 फाइलों को इसी के माध्यम से भेजें। ताकि पेपर लैस करने के लिए यह ई-आफिस प्रणाली का मकसद पूरा हो। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यालयों में कोई भी पेपर फाइल न हो। अफसरों के साथ समीक्षा में पता चला कि ई-आफिस प्रणाली लागू करने में गुरुग्राम 5.7 के स्कोर के साथ प्रदेश में यमुनानगर के बाद दूसरे स्थान पर है। यमुनानगर का स्कोर 6.7 रहा है।
चंडीगढ़ मुख्यालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा में यह जानकारी दी गई। इस बारे में अतिरिक्त उपायुक्त प्रशांत पंवार ने बताया कि गुरुग्राम जिले में संचालित कुल 44 सरकारी विभागों में से 42 विभाग ई-ऑफिस पर ऑन बोर्ड लाइव हो चुके हैं। केवल पुलिस और सचिव आरटीए विभाग ही अभी तक इस प्रणाली से नहीं जुड़ पाए हैं।
विभागों में प्रत्येक कर्मचारी की सरकारी ई-मेल आईडी, यूजर आईडी बनाकर कर्मचारियों को दो ऑफलाइन तथा तीन ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जा चुकी हैं। जिले में एक दिसंबर से लेकर अब तक ई-ऑफिस प्रणाली पर 2727 फाइल बनी हैं। अभी जिले में ई-ऑफिस पर 123 यूजर हैं और प्रत्येक यूजर ने औसतन चार फाइलें प्रति सप्ताह मूव की हैं।