फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gurugram News: प्रशासन हर विषय में फेल, सिर्फ लापरवाही में पास

विज्ञापन
विज्ञापन
जलभराव से बढ़ा डेंगू का खतरा, चार नए मरीज मिले
विज्ञापन

नागरिक अस्पताल में बढ़े बुखार के मरीज, प्रशासन की ओर से नहीं कराई गई फॉगिंग

संवाद न्यूज एजेंसी



गुरुग्राम। मिलेनियम सिटी में जल निकासी के प्रबंध न कर पाने की पोल तो हर बारिश खोल ही रही है। वहीं, जिले के अलग-अलग हिस्सों में जर्जर सड़कें, सीवर ओवरफ्लो, बिजली व पानी का संकट इन सभी विषयों में भी जिले का प्रशासन फेल हो गया है। हालांकि, लापरवाही इकलौता ऐसा विषय है जिसमें प्रशासन ने प्रथम स्थान हासिल किया है। इस लापरवाही का ही नतीजा है कि जिले में अब डेंगू का खतरा भी बढ़ गया है। बारिश होने से विभिन्न इलाकों में पानी जमा हो गया है, जिससे डेंगू खतरा बढ़ गया है। मच्छर जनित बीमारियों के मामले जिले में पहले भी सामने आ चुके हैं लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण इन बीमारियों का खतरा और बढ़ गया है। जिले में बढ़ रहे डेंगू के खतरे के बावजूद प्रशासन की ओर से अभी तक फॉगिंग नहीं कराई गई है।
शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के नए चार मरीजों की पुष्टि हुई है, जिससे कुल संख्या अब 29 हो गई है। एंटी लार्वा टीम की ओर से 14,253 घरों में चेकिंग की गई, जिससे 229 घरों में लार्वा पाया गया। इस दौरान 181 घरों को नोटिस थमाया गया है।
विज्ञापन


सेक्टर-10 स्थित नागरिक अस्पताल में बुखार व खांसी के मरीजों में इजाफा देखने मिल रहा है। सामान्य दिनों के मुताबिक वर्तमान में 20 प्रतिशत मरीज बुखार के बढ़ गए हैं। मानसून की शुरुआत से ही डेंगू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सभी लोगों को मच्छरों के प्रजनन को रोकने और डेंगू-मलेरिया से बचाव के लिए प्रयास करते रहने की सलाह दी है। सेक्टरों व कॉलोनियों में फाॅंगिग न होने से भी डेंगू का लार्वा पनपने का खतरा बढ़ गया है। वहीं, सेक्टर-41 के दिनेश चालिया ने बताया कि इसके लिए संबंधित विभाग को छिड़काव कहा गया है, जिससे लार्वा न पनपने पाए।
शहर में फॉगिंग के छिड़काव के लिए जरूरत की दवाइयां नगर निगम को उपलब्ध करा दी गई हैं। साथ ही लोगों से हफ्ते में एक दिन ड्राई डे मनाने के लिए बताया जा रहा है, जिससे गमलों, कूलर, टायर की सफाई हो सके। -विकास स्वामी, जिला मलेरिया अधिकारी
विज्ञापन

-

462 लोगों में मिली तीव्र खून की कमी

गुरुग्राम। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 1 जुलाई से 31 जुलाई तक चलाए गए एनिमिया मुक्त भारत अभियान का समापन हो गया है। इस एक महीने की अवधि में जिले के नागरिक अस्पताल, पीएचसी व सीएचसी पर विशेष शिविरों के माध्यम से हीमोग्लोबिन (एचवी) की जांच की गई। इस दौरान विभाग ने पोर्टल पर कुल 76,723 लोगों की जांच दर्ज की, जिनमें सबसे अधिक स्क्रीनिंग 10 से 19 वर्ष के आयु वर्ग की की गई। वहीं, दूसरे स्थान पर 20 से 49 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं की संख्या रही। स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट के अनुसार इस अभियान में कुल 426 लोग तीव्र खून की कमी से ग्रस्त पाए गए। जबकि पिछले वर्ष यह आंकड़ा 1,874 था, जिससे स्पष्ट है कि एनीमिया की स्थिति में सुधार हुआ है। इस बार 15,121 स्वस्थ पाए गए, जिनकी एचवी रिपोर्ट पहले पॉजिटिव पाई गई थी। गुरुग्राम की सीएमओ डॉ. अल्का सिंह ने बताया कि एक महीने चले अभियान में एचवी टेस्ट के जरिए एनीमिया की जांच की गई। शहर से गांव तक टीमों ने लोगों को जागरूक किया और जरूरतमंदों को आयरन की गोलियां वितरित कीं। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें