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सिजेरियन डिलीवरी के दौरान पेट में कपड़ा छोड़ने का आरोप

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गुरुग्राम। शहर के एक निजी अस्पताल से लापरवाही का एक बड़ा मामला सामना आया है, जहां 6 माह पहले सिजेरियन डिलीवरी के दौरान डॉक्टरों ने महिला के पेट में कपड़ा छोड़ दिया। पीड़िता के पेट में दर्द होने पर अस्पताल ने उसका आनन-फानन में ऑपरेशन भी कर दिया। अब महिला वेंटिलेटर पर है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
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पीड़ित पक्ष ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सेक्टर-18 पुलिस थाने में मामले की शिकायत की है। वहीं, शुक्रवार को पीड़िता के परिजन गुरुग्राम पुलिस आयुक्त केके राव से मिलकर मामले की शिकायत करेंगे। पूर्वोत्तर की न्याय नामक सामाजिक संस्था की संचालक बंदना रॉय ने बताया कि दार्जिलिंग की मूल निवासी स्वास्तिका अपने पति दिवस रॉय के साथ गुरुग्राम में ही रह रही थीं।
छह माह पहले सेक्टर-12 स्थित शिवा अस्पताल में महिला की सिजेरियन डिलीवरी हुई थी। पिछले दिनों महिला के पेट में अचानक तेज दर्द होने लगा तो परिजन उनको शिवा अस्पताल ले गए, जहां अस्पताल ने पेट में फोड़ा होने की बात कहते हुए मामले को टालने की कोशिश की। वहीं, दर्द कम न होने पर परिजन पीड़िता को लेकर दूसरे अस्पताल में लेकर गए। वहां पर अल्ट्रासाउंड के दौरान महिला के पेट में कपड़े का छोटा टुकड़ा होने की बात पता चली।
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इसके बाद परिजन दोबारा शिवा अस्पताल पहुंचे, जहां अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन के लिए पैसा जमा कराने की बात कही। इस पर पीड़ित पक्ष ने पैसे जमा कराने से साफ इनकार कर दिया। पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि बाद में कार्रवाई के डर से अस्पताल ने महिला व उसके पति को गुमराह करते हुए बिना पैसा लिए ही आनन-फानन में महिला का ऑपरेशन कर दिया। अस्पताल ने इसके लिए महिला को लाने के लिए एंबुलेंस भी भेजा। ऑपरेशन के बाद महिला की हालत नाजुक बनी हुई है और वह वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। वहीं, महिला के परिजन शुक्रवार को पुलिस क मिश्नर से मुलाकात करेंगे।
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