आरोपी ने महिला के किसी अन्य व्यक्ति से संबंध होने के संदेह में उसकी हत्या की थी। पूछताछ, हत्या के कारण व बरामदगी के लिए आरोपी को अदालत में पेश करके पुलिस रिमांड पर लिया गया है। आरोपी की पहचान शिव शंकर शर्मा उर्फ काली चरण निवासी भीखमपुर, बलिया के रूप में हुई है।
पूछताछ में पता चला कि आरोपी शिव शंकर शर्मा उर्फ काली चरण रीता (मृतका) के साथ सहमति संबंध में रह रहा था। आरोपी मजदूरी का काम करता था और रीता आईएमटी मानेसर में ही एक कंपनी में काम करती थी। आरोपी शिव शंकर शर्मा को रीता के किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध रखने का संदेह था। इसी वजह से शिव शंकर शर्मा ने 23 फरवरी को रीता की हत्या करके शव को गेहूं के खेत में फेंक दिया था।
11 मार्च को थाना मानेसर को सूचना मिली कि गांव नाहरपुर में महिला का शव पड़ा है। पुलिस टीम ने घटनास्थल पर जाकर देखा तो महिला का शव खेत में कंबल में लिपटा हुआ मिला। पुलिस टीम ने सीन ऑफ क्राइम, फिंगरप्रिंट टीमों से घटनास्थल व शव का निरीक्षण करवाकर शव को पोस्टमार्टम व पहचान के लिए मोर्चरी में रखवा दिया।
31 मार्च को मृतका के पिता ने उसकी पहचान रीता निवासी बिहार वर्तमान किरायेदार गांव नाहरपुर, मानेसर के रूप में कराई। मृतका के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी बेटी रीता की शादी 11 साल पहले हुई थी। लगभग पांच साल पहले उसकी बेटी व दामाद गुरुग्राम के गांव नाहरपुर में आकर किराये पर रहने लगे और यहां पर नौकरी करने लगे।
पिता ने पुलिस को बताया कि बेटी रीता व उसके पति का मनमुटाव होने पर उसकी बेटी को गांव नाहरपुर में ही छोड़कर चला गया। इसके बाद रीता की शिव शंकर उर्फ काली चरण से बातचीत होने लगी और वह उसके साथ सहमति संबंध में रहने लगी।