- डोमिसाइल प्रमाण पत्र मामले में लॉ स्टूडेंट नितिन नंदा ने लगाए आरडब्ल्यूए चुनावी रंजिश के आरोप, एसडीएम ने शिकायत को बताया निराधार
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर डोमिसाइल (अधिवास प्रमाण पत्र) बनवाने के आरोपों का सामना कर रहे लॉ स्टूडेंट नितिन नंदा ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि यह मामला आरडब्ल्यूए चुनाव से जुड़ी रंजिश का परिणाम है और सीएम विंडो (मुख्यमंत्री शिकायत निवारण प्रणाली) का गलत इस्तेमाल कर उन्हें परेशान किया जा रहा है।
नितिन नंदा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि उन पर लगाए गए सभी आरोप झूठे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायतकर्ता ने व्यक्तिगत विवाद को आधार बनाकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर उनके खिलाफ शिकायत की। उन्होंने बताया कि वह सेक्टर-102 स्थित एक आवासीय सोसाइटी में रहते हैं और कुछ समय पहले आरडब्ल्यूए सचिव पद के चुनाव में शिकायतकर्ता के खिलाफ चुनाव लड़ा था। नितिन नंदा का आरोप है कि चुनावी रंजिश के चलते शिकायतकर्ता जगदीप श्योराण ने उनके खिलाफ अभियान शुरू किया। उन्होंने कहा कि झूठी शिकायतों के माध्यम से उन्हें सरकारी और प्रशासनिक स्तर पर परेशान करने, मानसिक व सामाजिक दबाव बनाने और उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि डोमिसाइल प्रमाण पत्र से संबंधित सभी दस्तावेज नियमों के अनुसार तैयार कराए गए हैं और शिकायत में लगाए गए आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है।
कोट-
सीएम विंडो पर मिली शिकायत की जांच में लगाए गए आरोप निराधार पाए गए हैं। दोनों पक्षों को सुनने और मामले की जांच के बाद शिकायत गलत पाई गई है। -हितेंद्र कुमार, एसडीएम गुरुग्राम