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Gurugram News: सरकारी स्कूलों में बढ़ेगी जवाबदेही, पाई-पाई का देना होगा हिसाब

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पारदर्शिता बढ़ाने और अनावश्यक खर्च पर रोक लगाने के लिए खर्च का पूरा ब्योरा नोटिस बोर्ड पर लगाना अनिवार्य
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संवाद न्यूज एजेेंसी
गुरुग्राम। सरकारी स्कूलों में मिलने वाली ग्रांट का पैसा अब किस काम में खर्च हो रहा है, इसकी जानकारी अभिभावकों को भी मिलेगी। शिक्षा विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हर स्कूल के ग्रांट से जुड़े खर्च का पूरा ब्योरा नोटिस बोर्ड पर लगाना होगा। नई व्यवस्था के अनुसार स्कूल बिना विद्यालय प्रबंधन समिति की मंजूरी के ग्रांट खर्च नहीं कर सकेंगें।
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नई व्यवस्था के अनुसार हर खरीद और खर्च का रिकार्ड रजिस्टर में दर्ज करना होगा और समय समय पर उसका ऑडिट भी कराया जाएगा। एसएमसी की बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि ग्रांट का उपयोग किन दिन विकास कार्यों पर किया जाएगा। शिक्षा विभाग का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों में ग्रांट के सही उपयोग का बढ़ावा मिलेगा और अनावश्यक खर्च पर रोक लगेगी। अभिभावकों और ग्रामीणों की भागीदारी बढ़ने से स्कूल के विकास कार्यों की निगरानी भी बेहतर होगी। सरकार हर साल स्कूलों को भवन मरम्मत, स्वच्छता, पेयजल बिजली शौचालय, खेल सामग्री, शिक्षण सामग्री और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए ग्रांट उपलब्ध कराती है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन कार्यों में खर्च होने वाली राशि की जानकारी अब सभी के लिए खुली रहेगी, जिससे जवाबदेही और पारदर्शिता दोनों बढ़ेगी।
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