मानव तस्करी और अवैध तरीके से विदेश भेजकर ठगी के मामले में नया खुलासा
काम करने के दौरान युवाओं को बाहर घूमने या निकलने की अनुमति नहीं
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। विदेश में नौकरी दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी करने और अवैध तरीके से विदेश भेजकर साइबर ठगी करने के मामले में नया खुलासा हुआ है। युवाओं को म्यांमार में जिस स्थान पर चीनी मूल के लोगों के साथ साइबर ठगी के लिए काम कराया जाता था, उनको उसी इमारत में ही ऊपर बने कमरों में रहने के लिए जगह दी जाती थी। काम करने के दौरान युवाओं को बाहर घूमने या निकलने की अनुमति नहीं दी जाती थी।
साइबर ठगों के काम करने वालों को उसी इमारत में अंदर ही घूमने की अनुमति थी। उनको किसी चीज की जरूरत होती तो उनको कमरों में ही उपलब्ध करा दिया जाता था। शिफ्ट के अनुसार काम करने के लिए ही ये युवा अपने कमरों से कार्यालय में आते थे और शिफ्ट खत्म होने के बाद अपने कमरों में चले जाते थे। म्यांमार बुलाए गए युवाओं से कुछ पेज का बॉन्ड साइन कराया जाता था ताकि वे साइबर ठगों के अनुसार ही काम करते रहें। इस बाॅन्ड में लिखा था कि एक साल से पहले काॅल सेंटर छोड़ने पर सात लाख रुपये जमा करने होंगे। युवाओं को आपराधिक वारदातों में फंसाने का डर दिखाकर और डरा-धमकाकर साइबर ठगी का काम कराया जाता है।
म्यांमार में साइबर ठगों के साथ काम करने वाले पटौदी के भोड़ाकलां गांव निवासी सचिन ने इसका खुलासा किया है। सचिन ने इसी साल बीए पास किया था और नौकरी की तलाश कर रहा था। सितंबर माह में उनके बड़े भाई के माध्यम से योगेश से संपर्क किया। योगेश उस समय थाईलैंड में था। योगेश ने सचिन के बड़े भाई से कहा कि वह सचिन की थाइलैंड में नौकरी लगवा देगा। इसके बाद योगेश ने एक साथी के बारे में जानकारी दी और उसकी टेलीग्राम आईडी बताई।
गुरुग्राम पुलिस द्वारा गिरफ़्तार आरोपी संदीप व मुकुल से पता चला कि वे भारत से युवाओं को बुलाकर कमीशन कमाने में संलिप्त हो गए थे। वे टेलीग्राम और इंस्टाग्राम के माध्यम से भारत में युवाओं से संपर्क करते थे। भारत के युवाओं को थाईलैंड में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बुलाते और उन्हें अवैध तरीके से थाईलैंड से म्यांमार ले जाया जाता। इसके बाद वहां ले जाकर चीनी मूल के लोगों द्वारा संचालित साइबर ठगी के कार्य में संलिप्त करवा देते थे।
दोनों आरोपियों को भेजा जेल
गुरुग्राम की साइबर अपराध थाना मानेसर की पुलिस द्वारा गिरफ्तार दोेनों आरोपियों हिसार के हरिता गांव निवासी संदीप और महावीर कॉलोनी निवासी मुकुल को तीन दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारी मिली हैं। तीन दिन का रिमांड पूरा होने के बाद दोनों आरोपियों संदीप व मुकुल को भोंडसी जेल भेज दिया है। साइबर अपराध थाना मानेसर के प्रभारी मनोज ने बताया कि मामले में आगामी कार्रवाई की जा रही है। भोड़ाकलां गांव निवासी सचिन के चार लाख रुपयों की दोनों आरोपियों से रिकवरी की गई है।