जीएमडीए ने एचएसआईआईडीसी से जमीन ट्रांसफर करने के लिए लिखा पत्र
- 12 एकड़ में तैयार होना है नया बस अड्डा
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) मानेसर क्षेत्र में सिटी बस सेवा के लिए बस डिपो निर्माण की योजना को सिरे चढ़ाने का प्रयास कर रहा है। जीएमडीए ने नाहरपुर कासन गांव में 12 एकड़ भूमि चिह्नित की है, जोकि हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) की है।
जीएमडीए के अनुसार यह जमीन बस डिपो के लिए उपयुक्त है। जीएमडीए ने जमीन ट्रांसफर करने के लिए एचएसआईआईडीसी को पत्र लिखा है, जिससे योजना को सिरे चढ़ाया जा सके। जीएमडीए की आईएमटी मानेसर में बस डिपो निर्माण की योजना है। इसके लिए एम-12ए (भांगरौला गांव) में करीब 9.20 एकड़ जमीन मिली थी। हालांकि, सड़क को चौड़ा करने के लिए जमीन का अधिग्रहण करना होगा। ऐसे में जीएमडीए की बस डिपो की योजना सिरे नहीं चढ़ पा रही है।
जीएमसीबीएल के अनुसार, 150 में से 30 बसें गुरुग्राम और मानेसर के बीच चल रही हैं। सुबह और देर शाम मानेसर रूट अधिकतर बसें खाली रहती हैं। दूसरा मानेसर और गुरुग्राम के बीच बसों की मांग बहुत अधिक है। साथ ही पचगांव, फर्रुखनगर और पटौदी के लिए सिटी बस सेवाओं की भी बहुत मांग है। इसलिए, मानेसर में जल्द सिटी बस डिपो विकसित करने की आवश्यकता है।
सैद्धांतिक स्वीकृति देने का किया अनुरोध
नाहरपुर कासन गांव में 12 एकड़ जमीन एचएसआईआईडीसी की है, जो भूमि ओपन स्पेस जोन में आती है। हालांकि, सरकार जनहित में इस भूमि का उपयोग सार्वजनिक उपयोगिताओं (सिटी बस सेवा के लिए) के लिए करने के लिए दे सकती है। जीएमडीए के सीईओ श्यामल मिश्रा ने इस बारे में एचएसआईआईडीसी के एमडी यश गर्ग को पत्र लिखकर जमीन की सैद्धांतिक स्वीकृति देने का अनुरोध किया है। इसके बाद सरकार की स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
शहर में चलती हैं 150 बसें
गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन सिटी बस लिमिटेड (जीएमसीबीएल) की ओर से 150 बसें शहर में चल रही हैं। इस साल प्रधानमंत्री ई-बस योजना के तहत 200 अतिरिक्त इलेक्ट्रिक बसें बेड़े में शामिल होने की उम्मीद है। अगले साल 200 और इलेक्ट्रिक बसें शामिल होंगी। तीन वर्षों में बेड़े में 900 बसें होने की संभावना है। बसों के लिए जीएमसीबीएल के पास तीन बस डिपो हैं। चौथा बस डिपो सेक्टर 48 में बन रहा है। 4 डिपो में 400 बसों को समायोजित करने की क्षमता है।