प्रदेश के 15 जिलों में शुरू होगी पहल, बीके अस्पताल भी शामिल
इकाइयों में माताओं को स्तनपान की सही तकनीक के बारे में जागरूक किया जाएगा
संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदाबाद। नवजात शिशुओं के बेहतर पोषण और मातृ स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने अहम कदम उठाया है। प्रदेश के 15 जिलों में स्तनपान प्रबंधन इकाइयों की स्थापना की योजना बनाई गई है, जिसमें फरीदाबाद भी शामिल है। शहर के नागरिक अस्पताल बीके में यह इकाई जल्द स्थापित की जाएगी। जिला स्वास्थ्य विभाग ने इस संबंध में विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेज दिया है। स्वीकृति मिलने के बाद अगले डेढ़ से दो महीने के भीतर इकाई को शुरू करने की संभावना जताई जा रही है।
माताओं को मिलेगा सही मार्गदर्शन
इस इकाई में माताओं को स्तनपान की सही तकनीक के बारे में जागरूक किया जाएगा। साथ ही दूध कम बनने, शिशु को सही तरीके से स्तनपान न करा पाने और स्तनपान के दौरान होने वाली समस्याओं का समाधान विशेषज्ञों द्वारा किया जाएगा। यहां प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ और विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी, जो व्यक्तिगत परामर्श भी देंगे।
विशेष परिस्थितियों में मिलेगी सहायता
प्रीमैच्योर डिलीवरी या कम उम्र में मातृत्व के कारण कई महिलाओं को स्तनपान कराने में दिक्कत आती है। कई बार दूध नहीं उतरने की समस्या भी सामने आती है, जिससे नवजात के पोषण पर असर पड़ता है। नई इकाई ऐसी समस्याओं के समाधान में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, जन्म के पहले छह महीने शिशु के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं और इस दौरान मां का दूध सबसे उत्तम आहार माना जाता है। ऐसे में स्तनपान को बढ़ावा देने और उससे जुड़ी समस्याओं का समय पर समाधान नवजात मृत्यु दर को कम करने में सहायक होगा।
तैयारियां अंतिम चरण में
बीके अस्पताल प्रशासन द्वारा आवश्यक संसाधनों और स्टाफ की व्यवस्था की जा रही है। इकाई में माताओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे आत्मविश्वास के साथ अपने शिशु की देखभाल कर सकें।
स्वास्थ्य निदेशालय की योजना के तहत प्रदेश के 15 जिलों में स्तनपान प्रबंधन इकाइयां स्थापित की जानी हैं, जिनमें फरीदाबाद भी शामिल है। इसका उद्देश्य नवजात शिशुओं को संपूर्ण पोषण उपलब्ध कराना है। जन्म के शुरुआती छह महीनों में मां का दूध बेहद आवश्यक होता है, इसलिए यह पहल मातृ और शिशु स्वास्थ्य को मजबूत करेगी। - डॉ. रचना मिश्रा, उपमुख्य चिकित्सा अधिकारी