बंगाल की संयुक्त पूजा समिति के 31 पंडाल बनेंगे, 18 से 25 अक्टूबर तक होगा आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। इस महीने गुरुग्राम बंगाल की समृद्धि सांस्कृतिक रिवायतों, कला और संस्कृति के रंग में रंगने वाला है। 20 से 25 अक्टूबर तक दुर्गा पूजा पंडालों में मां दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती, गणेश और कार्तिकेय की प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। दुर्गा पूजा, हवन, ढाक धुनुची के बीच बंगाली सांस्कृतिक कार्यक्रमों का रंग जमेगा। बंगाली समुदाय की संयुक्त कमेटी की बैठकें शुरू हो गई है। इस बार संयुक्त कमेटी के साथ 31 पूजा कमेटियां शामिल होंगी। इनके पंडाल इको फ्रेंडली होंगे और इनका विसर्जन पर्यावरण के नियमों के अनुसार अस्थाई तालाब बनाकर होगा। बंगाल से बाउल और लोक संगीत के कलाकरों का जमावड़ा रहेगा। बंगाली ऐसा मानते हैं कि दुर्गा पूजा के दौरान मां दुर्गा अपने मायके आती हैं, इसलिए व्यंजनों और नृत्य संगीत के साथ उनका स्वागत होता है।
पंडालों में लोग नृत्य संगीत, प्रतियोगिताओं के साथ समृद्ध बंगाली परंपरा के व्यंजनों का भी लुत्फ ले सकेंगे। मां दुर्गा का महाप्रसाद भोग भी पंडालों में उपलब्ध होगा। संयुक्त पूजा समिति के संयोजक अतिन चट्टोपाध्याय ने बताया कि पूजा के मौके पर प्रदर्शनियों, प्रतियोगिताओं और पंडाल में पर्यावरण संरक्षण पर बल दिया जाएगा।
इस बार मानवता होगी थीम
डीएलएफ बंगाली परंपरा का गुरुग्राम में इस बार 32वां साल है। संगठन की महासचिव रुमा बोस ने बताया कि इस बार हमारा थीम मानवता होगी। इसमें हम लोग देश की समेकित संस्कृति में मानवता के पहलू को उजागर करेंगे। पंडाल बंगाल के ग्रामीण इलाके की सांस्कृतिक परंपरा के अनुसार बनेगा। सारेगामापा के कलाकारों की प्रस्तुति होगी। कौन बनेगा करोड़पति की टीम के क्विज संचालक और लाल किले में लाइट एंड साउंड शाे प्रदर्शित करने वाली मैत्री डांस शो की कोरियोग्राफी करेंगी। पूजा के पहले आनंदो मेला में आईटीसी के सेलिब्रेटी शेफ होंगे। मेले में मल्टीकुजीन फूड कोर्ट बनेगा