परिणाम को गलत बताकर आरोपियों ने पीड़ित चिकित्सक को दिए फर्जी प्रमाण पत्र
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। थाना सेक्टर-14 क्षेत्र में कर्गिस्तान से एमबीबीएस करके आए चिकित्सक से विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) को पास कराने का झांसा देकर 26.57 की धोखाधड़ी की है। तीन चिकित्सकों ने पीड़ित को फर्जी प्रमाण पत्र भी दिया। जांच कराने पर वह प्रमाण पत्र फर्जी निकला।
झज्जर निवासी रवि कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गुरुग्राम के राजीव नगर में रहते हैं। उन्होंने वर्ष 2014 से 2019 तक किर्गिस्तान के बिश्केक में इंटरनेशनल हायर स्कूल ऑफ मेडिसिन से एमबीबीएस की डिग्री हासिल की थी। भारत लौटने के बाद उन्हें विदेशी चिकित्सा स्नातक परीक्षा (एफएमजीई) पास करनी थी, जो विदेशी मेडिकल डिग्री धारकों के लिए अनिवार्य है। वर्ष 2021 में कोविड-19 के दौरान दिल्ली के बुराड़ी स्थित सरकारी अस्पताल में उनकी ड्यूटी लगी थी। ड्यूटी के दौरान उनकी मुलाकात गाजियाबाद के मैक्स अस्पताल में कार्यरत डॉ. अभिषेक राजपूत से हुई और उनके बीच दोस्ती हो गई। बातचीत के दौरान एक दिन डॉ. अभिषेक राजपूत ने रवि कुमार से एफएमजीई के बारे में पूछा तो रवि कुमार ने बताया कि उन्होंने परीक्षा के लिए आवेदन किया है, लेकिन पेपर अभी बाकी है।
डॉ. अभिषेक राजपूत ने कहा कि एफएमजीई बहुत कठिन है। उनकी व उनके दोस्त डॉ. सिद्धांत की इस क्षेत्र में अच्छी पहचान है। उन्होंने रवि कुमार को पैसे देकर परीक्षा पास कराने का भरोसा दिलाया। जिस पर रवि कुमार ने चार जुलाई 2022 को सेक्टर-14 में डॉ. अभिषेक राजपूत को 2.5 लाख रुपये नकद दिए। इसके बाद डॉ. अभिषेक राजपूत ने परीक्षा पास करवाने में शामिल डॉ. सिद्धांत और उनके छोटे भाई वास्तव चौधरी से रवि कुमार को मिलवाया। 16 जनवरी 2023 में रवि कुमार ने डॉ. अभिषेक राजपूत के खाते में सात लाख रुपये व तीन लाख रुपये नकद दिए। इसके अलावा जनवरी से मार्च 2023 के बीच वास्तव चौधरी के खाते में 10.2 लाख रुपये और डॉ. सिद्धांत के खाते में 20 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए। मार्च 2023 से मई 2023 तक रवि कुमार ने डॉ. अभिषेक राजपूत के खाते में 3.67 लाख रुपये भेजे।
रवि कुमार ने उन तीनों को कुल 26.57 लाख रुपये नकद व बैंक ट्रांसफर के माध्यम से दिए थे। इसी दौरान 20 जनवरी 2023 को रवि कुमार ने एफएमजीई परीक्षा भी दी थी और तीन फरवरी 2023 को आए परिणाम में वह फेल हो गया। उन्होंने डॉ. अभिषेक राजपूत से बात की तो उन्होंने परिणाम को गलत बताते हुए रवि कुमार को पास होने का एक फर्जी प्रमाण पत्र भेजा। रवि कुमार ने जब प्रमाण पत्र की जांच की तो वह फर्जी निकला। रवि कुमार ने जब अपने पैसे मांगे तो डॉ. अभिषेक राजपूत ने उसे धमकी दी।
पीड़ित की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज करके जांच की जा रही है। जल्द ही नामजद लोगों को जांच में शामिल होने के लिए बुलाया जाएगा और बयान दर्ज करके आगामी कार्रवाई की जाएगी। - अमित, जांच अधिकारी