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Gurugram News: पांच माह में 9 कर्मचारी रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार

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-नूंह में बढ़ते भ्रष्टाचार की दे रहे गवाही, जिला सचिवालय बना केंद्र
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संवाद न्यूज एजेंसी

नूंह। जिले में भ्रष्टाचार का जाल किस कदर गहराता जा रहा है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पिछले करीब पांच माह में छह अलग-अलग कार्रवाइयों में नौ लोगों को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किए जा चुका है। इनमें सबसे ज्यादा मामले जिला सचिवालय में पकड़े गए हैं। यह आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि जिला भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुका है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की लगातार हो रही कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में आमजन से जुड़े काम बिना नजराना लिए आगे बढ़ाना मुश्किल होता जा रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि जिला सचिवालय का भूतल भ्रष्टाचार का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है, जहां एक माह के भीतर चार कर्मचारियों की गिरफ्तारी ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीते महीनों में रिश्वतखोरी की घटनाओं ने एक सिलसिलेवार रूप ले लिया।
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पकड़े गए मामले :
26 नवंबर 2025 को जयसिंहपुर चौकी में तैनात एक एएसआई और चौकी के मुंशी को रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। इसके दो दिन बाद 28 नवंबर 2025 को आलदोका सर्कल का पटवारी और उसका सहायक एसीबी के जाल में फंस गए। इसके बाद 26 फरवरी 2026 को समाज कल्याण विभाग का कर्मचारी रिश्वत लेते पकड़ा गया। 12 मार्च को एसडीएम कार्यालय नूंह का क्लर्क गिरफ्तार हुआ, जबकि 18 मार्च को एक सीएससी संचालक और उसका साथी रिश्वतखोरी के मामले में पकड़े गए। ताजा कार्रवाई 7 अप्रैल को हुई, जब रिकॉर्ड रूम का पटवारी और उसका सहायक रंगे हाथ गिरफ्तार किए गए।
जिला सचिवालय का भूतल बना चर्चाओं का केंद्र :

इन लगातार हो रही गिरफ्तारियों ने जिला सचिवालय के भूतल को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। यहां पेंशन विभाग, तहसील कार्यालय, एसडीएम कार्यालय, राजस्व विभाग का रिकॉर्ड रूम और सरल केंद्र जैसे बेहद महत्वपूर्ण कार्यालय संचालित होते हैं, जहां रोजाना सैकड़ों लोग अपने जरूरी कामों के लिए पहुंचते हैं। आरोप है कि इन दफ्तरों में फाइल आगे बढ़ाने, रिकॉर्ड निकलवाने, पेंशन मंजूर कराने, वाहन पंजीकरण और जमीन संबंधी कार्यों के लिए खुलेआम रिश्वत मांगी जाती है।पिछले एक माह में इसी भूतल से जुड़े पेंशन विभाग का कर्मचारी, एसडीएम कार्यालय की वाहन पंजीकरण शाखा का क्लर्क, रिकॉर्ड रूम का पटवारी और उसका सहायक पकड़े जाना इस बात का प्रत्यक्ष प्रमाण माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं।
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कार्रवाइयों से मचा हड़कंप :

लगातार हो रही एसीबी कार्रवाई ने जहां भ्रष्ट कर्मचारियों में हड़कंप मचा दिया है, वहीं आमजन के बीच यह सवाल भी गूंज रहा है कि आखिर जिला सचिवालय में रिश्वतखोरी का यह खेल कब रुकेगा। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई और जवाबदेही तय करने पर टिकी हैं।
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