सफाई व्यवस्था को और प्रभावशाली बनाने की दिशा में नगर निगम उठाएगा ठोस कदम
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने साझा की आगामी कार्य योजना
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। नगर निगम गुरुग्राम के आयुक्त प्रदीप दहिया ने शहर की सफाई व्यवस्था को और अधिक प्रभावशाली बनाने की दिशा में निगम के प्रयासों और योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने मंगलवार को मीडिया प्रतिनिधियों से बातचीत की। इस अवसर पर उन्होंने डोर-टू-डोर मॉडल
रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि आरएफपी और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट (एसडब्ल्यूएम) बायलॉज निगम की वेबसाइट पर अपलोड किए जा रहे हैं ताकि नागरिक अपने सुझाव दे सकें और स्वच्छ गुरुग्राम के निर्माण में सहभागी बन सकें।
निगमायुक्त प्रदीप दहिया ने बताया कि नई डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था के तहत 800 वाहन तैनात किए जाएंगे जिनमें संकरी गलियों के लिए ई-रिक्शा भी शामिल होंगे। इससे घर-घर से कचरा संग्रहण व्यवस्था और भी प्रभावी होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में नगर निगम 330 वाहनों के माध्यम से घरों से कचरा एकत्रित कर रहा है और इसके लिए कोई शुल्क नहीं ले रहा है। यदि कोई व्यक्ति शुल्क वसूलता है तो नागरिक तुरंत निगम को सूचित करें। ऐसे मामलों में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
मुख्य सड़कों की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए निगम द्वारा कई ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। निगमायुक्त ने बताया कि मुख्य सड़कों पर स्थित गार्बेज वल्नरेबल पॉइंट्स (जीवीपी) को स्थानांतरित किया जा रहा है। अब तक जीवीपी की संख्या 282 से घटाकर 222 कर दी गई है और आने वाले समय में इसे और भी कम करने की योजना है।
सीवर जाम और अवैध पेयजल कनेक्शन पर कार्रवाई होगी
निगमायुक्त ने नागरिकों से अपील की कि वे गीला और सूखा कचरा अलग-अलग करें तथा कचरा केवल डोर-टू-डोर गाड़ी या ट्रॉली में ही डालें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ गुरुग्राम के निर्माण में हर नागरिक की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने यह भी चेताया कि सीवर में पशुओं का गोबर न बहाया जाए, क्योंकि इससे सीवर जाम होते हैं। सीवर जाम करने वालों और अवैध पेयजल कनेक्शन रखने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।
प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में भी नगर निगम सक्रिय है। निगमायुक्त ने बताया कि सीपीसीबी द्वारा प्रदान की गई राशि से 10 इंटीग्रेटेड एंटी स्मॉग गन मशीनें खरीदी जा रही हैं, जो जल्द ही शहर में काम करना शुरू करेंगी।