कर्मियों ने एचईआसी के आदेश की प्रति जलाकर किया प्रदर्शन
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। हरियाणा पावर इम्प्लाइज इंजीनियर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर बिजली कर्मी 22 से 24 अक्तूबर तक हड़ताल पर रहेंगे। गुरुग्राम के करीब 4,500 बिजली कर्मी तीन दिनों तक काम नहीं करेंगे। करीब 8 लाख उपभोक्ताओं पर इसका असर पड़ सकता है। बिजली कर्मी निजीकरण का विरोध कर रहे हैं।
दो दिन पहले हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग (एचईआरसी) द्वारा बिजली वितरण के लिए इलेवन पावर कंपनी को पैरेलल डिस्ट्रीब्यूशन लाइसेंस (समानांतर वितरण लाइसेंस) का आदेश दे दिया था। इसके बाद से बिजली कर्मियों के संयुक्त मोर्चा ने इसका विरोध करने का निर्णय लिया। बुधवार को बिजली कर्मियों ने एचईआसी के आदेश की प्रति जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने एचईआरसी के खिलाफ नारेबाजी की। पावर इंप्लाइज एसोसिएशन के जिला प्रधान पवन गोयल ने बताया कि तीन दिन तक पूरे हरियाणा के बिजली कर्मी काम नहीं करेंगे। एचईआरसी के इस आदेश से हरियाणा के करीब 12.5 हजार कर्मियों का रोजगार दांव पर है।
आरडब्ल्यूए संगठनों को बिजली सेवा बहाल रखने का आश्वासन
दूसरी ओर डीएचबीवीएन ने बिजली कर्मियों की 22, 23 और 24 अक्तूबर की हड़ताल को लेकर आरडब्ल्यूए संगठनों को पत्र जारी कर बिजली सेवा बहाल रखने का आश्वासन दिया है। आरडब्ल्यूए को भेजे गए संदेश में लिखा है कि डीएचबीवीएन प्रशासन निजी एजेंसियों, ठेकेदारों और प्रशिक्षुओं (एपरेंटिस) जैसे वैकल्पिक संसाधनों का प्रबंध करके बिजली की आपूर्ति को बिना किसी रुकावट के बनाए रखने का हर संभव प्रयास करेगा। चूंकि डीएचबीवीएन के बड़ी संख्या में कर्मचारियों और विभिन्न यूनियनों (जैसे एएचपीसी, एसएसईबी और एचपीईए ) के सदस्यों के इस हड़ताल में शामिल होने की संभावना है, इसलिए इस दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।