गुरुग्राम। साइबर सिटी में मेट्रीमोनियल वेबसाइट के माध्यम से युवतियों से दोस्ती कर धोखाधड़ी के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक ऐसे ही मामले में शातिर युवक ने मारुति कंपनी की महिला कर्मचारी को झांसे में लेकर 8.72 लाख ठग लिए। महिला कर्मचारी की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने आरोपी तमिला पुगल के खिलाफ आईटी एक्ट समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर दिया। थाना प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार के मुताबिक मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मूलरूप सेे उड़ीसा मूल की युवती मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड कंपनी में कार्यरत है। पीड़िता ने पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक मई माह में जीवन साथी डॉट कॉम के माध्यम से उसकी बातचीत एक युवक से हुई। युवक ने खुद को इस्तानबुल निवासी तमिला पुगल के रूप में बताया। कई दिनों तक व्हॉट्स एप पर बातचीत के बाद युवक ने बताया कि वह उससे मिलने के लिए एक महीने की निजी यात्रा पर भारत आ रहा है। पांच जून को युवक ने कहने पर युवती ने भारतीय बैंक खातों में 2700 यूएस डॉलर (दो लाख रुपये) ट्रांसफर कर दिए। छह जून को युवक ने दोबारा कॉल कर कहा कि उसकी निजी यात्रा के कारण कंपनी के खाते में तीन लाख रुपये सुरक्षा राशि जमा करानी होगी, युवती ने आरोपी की बात पर विश्वास कर तीन लाख की रकम भी जमा करा दी।
10 जून को युवती को मोबाइल पर कॉल आया जिसमें युवक ने बताया कि वह इस्तांबुल से मुंबई पहुंच गया है जहां कस्टम विभाग में रोक लिया है। आरोपी ने एक महिला कस्टम अधिकारी से युवती की बात कराई जिसने बताया कि बतौर प्रक्रिया 3.22 लाख रुपये की क्लीयरेंस करनी होगी। युवती को दिए बैंक खाते में उसने यह राशि ट्रांसफर कर दी, इसके बाद अगले दिन दोबारा खुद को कस्टम अधिकारी बताने वाली महिला ने कॉल कर एंटी ड्रग और एंटी टेरेरिस्ट क्लीयरेंस फार्म के नाम पर 5.50 लाख की रकम युवती से ट्रांसफर करवा ली। युवती ने आरोप लगाया कि अधिकारी ने उसे आश्वस्त किया कि यह राशि उसे वापस मिल जाएगी। युवती के मुताबिक 8.72 लाख की राशि ट्रांसफर लेने के बाद आरोपी ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया। इस पर उसने साइबर थाना पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने प्राथमिक जांच के बाद सोमवार शाम को आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया।