मांडीखेड़ा में बीडीपीओ से लेकर मुख्यमंत्री को दी शिकायत
बीपीएल परिवारों की अधिकारियों से कई बार हो चुकी है कहासुनी
कैप्शन - एसडीएम व तहसीलदार से मिलते बीपीएल परिवार
नगीना। महात्मा गांधी ग्रामीण बस्ती योजना के तहत 2009 में बीपीएल परिवारों को दिए गए प्लाटों पर अभी तक 65 गांवों में कब्जे नहीं मिल पाया है। करीब 700 से अधिक परिवार 15 साल से अलग-अलग गांवों में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी से लेकर एसडीएम व डीसी के चक्कर काट रहे हैं। खंड के गांव मांडीखेड़ा, नगीना, सुल्तानपुर नूंह समेत फिरोजपुर झिरका के गांव साकरस, सिधरावट, तेड, नावली के अलावा नूंह खंड के उजीना, संगेल, जयसिंहपुर में लगातार बीपीएल परिवार अपने प्लाट पर घर बनाने के लिए तरस रहे हैं। अभी तक कुछ प्लाटों पर ग्राम पंचायतें ही काबिज हैं। गांव मांडीखेड़ा के राम सिंह, अंकित, मीना, उमर मोहम्मद, मोतीलाल, नरेश कुमार, रमेश कुमार, लक्ष्मण सिंह, इस्लाम खान ने बताया कि 143 बीपीएल परिवारों के प्लाटों पर दबंगों ने कब्जा कर रखा है। कब्जेधारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए बीडीपीओ, तहसीलदार, एसडीएम व डीसी से मिल कर गुहार लगा चुके हैं लेकिन इंसाफ नहीं मिला है। साल 2011 में कांग्रेस सरकार ने 100-100 गज के प्लाट नाम कराए थे।
अधिकारियों की रही मिलीभगत
कुछ दबंगों ने अधिकारियों से मिलीभगत कर 2019 में फर्जी तरीके से रजिस्ट्री अपने नाम करवाई और अवैध कब्जा कर लिया था। शिकायत सीएम विंडो और नगीना थाना में दी थी। दो साल पहले पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल को बीपीएल परिवारों ने ज्ञापन सौंपा था। लेकिन प्लाटों के मामले में कुछ कार्रवाई नहीं हुई। हाल में इसे लेकर बीपीएल गरीब परिवारों ने नूंह उपायुक्त से मुलाकात की है। उन्होंने जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि जल्द से जल्द बीपीएल परिवारों को उनका कब्जा दिलाया जाए ताकि गरीब परिवार अपना आशियाना बना कर गुजर बसर कर सकें।
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बीपीएल परिवारों को कब्जे दिलाने के लिए ग्राम पंचायत कार्रवाई कर चुकी है। कुछ को कब्जे मिल भी चुके हैं जिन्हें नहीं मिले हैं उनका सहयोग किया जाएगा।
जीनत, सरपंच मांडीखेड़ा
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शिकायत पहले भी मिली थी अगर कहीं भी बीपीएल परिवारों को 100 गज के प्लाटों पर कब्जे नहीं मिल रहे हैं तो पंचायत एक्ट के अनुसार कार्रवाई की जाएंगी।
सुरजीत सिंह, बीडीपीओ नगीना