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Gurugram News: आचार सहिंता लागू होने के बाद से अब तक दर्ज हुईं 62 एफआईआर

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- अब तक पकड़ी जा चुकी है सात लाख रुपये की कीमत की शराब
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- जिला निर्वाचन अधिकारी ने चारों विधानसभा क्षेत्रों के आरओ के साथ की बैठक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। विधानसभा चुनाव के मद्देनजर आचार संहिता लागू होने के बाद से गुरुग्राम में अब तक 62 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। नगर निगम गुरुग्राम के अतिरिक्त आयुक्त बलप्रीत सिंह ने यह जानकारी दी। मंगलवार को उन्होंने यह जानकारी उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी निशांत कुमार यादव को एमसीसी पर विस्तृत पीपीटी रिपोर्ट के माध्यम से दी।
उन्होंने बताया कि आचार संहिता लागू होने के बाद संबंधित व्यक्तियों पर 62 एफआईआर दर्ज करते हुए सात लाख रुपये की शराब पकड़ी की गई है। वहीं, 2155 स्थानों से होर्डिंग्स व बैनर हटाए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने चारों विधानसभा के आरओ संग बैठक की। उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण चुनाव के लिए पूरी तरह से तैयार है। जारी निर्देश के अनुसार कोई भी उम्मीदवार किसी व्यक्ति की निजी भूमि, भवन परिसर, दीवार का उपयोग झंडा टांगने, पोस्टर चिपकाने व नारे लिखने आदि प्रचार कार्यों के लिए नहीं कर सकेंगे। यदि ऐसा पाया गया तो उनके साथ उनके समर्थक तथा कार्यकर्ता पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि संबंधित विधानसभा के आरओ अपने अधीनस्थ अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए टीम वर्क के साथ प्रचार सामग्री हटवाना सुनिश्चित करें। बैठक में बादशाहपुर के एसडीएम अंकित कुमार चौकसी, गुरुग्राम के एसडीएम रविंद्र कुमार, पटौदी के एसडीएम दिनेश, सोहना के एसडीएम होशियार सिंह, सीटीएम कुंवर आदित्य विक्रम, सीएसआर के एडिशनल सीईओ गौरव सहित जिला निर्वाचन कार्यालय के कर्मचारी उपस्थित रहे।
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चार संयुक्त आयुक्त को कारण बताओ नोटिस
जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने नगर निगम गुरुग्राम के चारों संयुक्त आयुक्त की कार्यशैली पर नाराजगी जताई है। मामला प्रचार सामग्री को हटवाए जाने से संबंधित है। मंगलवार को उपायुक्त की बैठक में यह बात सामने आई कि अपने-अपने क्षेत्र में चुनाव सामग्री को हटवाए जाने में चारों संयुक्त आयुक्त कोई खास रूचि नहीं ले रहे हैं। ऐसे में उनकी कार्यशैली से नाराज उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है।
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