अभिज्ञात अपराध रोकने को राज्य व
जिला स्तरीय कमेटी करेंगी कार्रवाई
- प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा मामलों का निपटारा
- विभिन्न आपराधिक घटनाओं में कमी लाने का प्रयास
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा सरकार ने अभिज्ञात अपराध योजना (आइडेंटिफाइड क्राइम स्कीम) शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत जघन्य एवं सनसनीखेज अपराधों की पहचान करने के लिए राज्य और जिला स्तरीय समितियों का गठन किया जाएगा। इसमें उचित उपाय किए जाएंगे ताकि ऐसे मामलों का प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निपटान किया जा सके। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इस योजना को शुरू करने की मंजूरी दे दी है।
संबंधित उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियां हर महीने के पहले मंगलवार को बैठक करेंगी। इसमें ये महीने में हुए जघन्य और सनसनीखेज अपराधों की पहचान कर राज्य स्तरीय समिति को सिफारिश भेजेंगी, जो ऐसे मामलों को अभिज्ञात अपराधों में शामिल करने पर निर्णय लेगी। अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति विभिन्न मामलों में हुई प्रगति की समीक्षा करेगी और सुधारात्मक उपायों के लिए जांच या परीक्षण में आने वाली बाधाओं की पहचान करेगी।
राज्य स्तरीय कमेटी विभिन्न जिलों से रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या की भी समीक्षा करेगी और यदि इस योजना के तहत जिले द्वारा रिपोर्ट किए गए मामलों की संख्या अपर्याप्त है या समिति का मानना है कि ऐसा अपराध है, जिसे इस योजना के तहत कवर किया जा सकता है, लेकिन संबंधित जिला उसे पहचानने और उसकी रिपोर्ट करने में असफल रहा है तो ऐसे मामलों को जिलों के साथ उठाएगी। राज्य स्तरीय समिति की हर महीने तीसरे मंगलवार को बैठक होगी और समिति समीक्षा के लिए पहचाने गए मामलों और नवीनतम कार्रवाई पर अंतिम प्रगति रिपोर्ट देगी। हरियाणा सरकार डकैती, हत्या, आतंकवादी गतिविधियों, दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, पॉक्सो, अपहरण आदि जघन्य अपराधों में कमी लाने के लिए प्रयास कर रही है।
कमेटी में ये होंगे शामिल
- उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समितियों के सदस्यों में संबंधित जिलों के पुलिस अधीक्षक या पुलिस आयुक्त, जिला न्यायवादी, जेल अधीक्षक या उप-अधीक्षक शामिल होंगे। इसी प्रकार, अतिरिक्त मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय समिति के सदस्यों में पुलिस महानिदेशक (सीआईडी), निदेशक एफएसएल, जिला न्यायवादी और विधि परामर्शी शामिल होंगे।