गुरुग्राम। नगर निगम की वित्तीय स्थिति खस्ताहाल है, बावजूद इसके निगम अधिकारियों की तरफ से अर्थव्यवस्था मजबूत करने के लिए कोई खास कवायद नहीं की जा रही है। एक तरफ जहां अरबों रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है, वहीं ट्रेड लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए भी कुछ विशेष प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। स्थिति यह है कि इस वित्तीय वर्ष में अब तक करीब 800 पुराने व्यापारियों-दुकानदारों ने ही ट्रेड लाइसेंस रिन्यू कराया है जबकि निगम ने करीब 600 व्यापारियों व दुकानदारों को नोटिस जारी कर दिया है।
आगामी दिनों में निगम की तरफ से कई और व्यापारियों-दुकानदारों को नोटिस जारी की जाएगी। हालांकि, ट्रेड लाइसेंस रिन्यू कराने वालों की सटीक संख्या सामने नहीं आ पाई है। निगम अधिकारियों के मुताबिक जिनको ट्रेड लाइसेंस रिन्यू कराना होगा, उनमें वाहनों के शोरूम, एयर कंडीशन मैरिज हाल, कोचिंग सेंटर, बैंक्वेट हॉल, मल्टीप्लेक्स, नर्सिंग होम, कपड़ों के शोरूम, निजी अस्पताल, होटल व मॉल्स संचालक शामिल हैं। इनमें से कई को नए सिरे से लाइसेंस भी लेना होगा। मालूम हो कि हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 की धारा 330 के तहत नगर निगम क्षेत्र में चलाए जाने वाले प्रत्येक व्यावयाकि संस्थान के संचालक को निगम से ट्रेड लाइसेंस लेना होगा। नगर निगम अधिनियम के मुताबिक धारा 331, 335 के अनुसार निगम चाहे तो ट्रेड लाइसेंस न लेने वाले संस्थान के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई भी कर सकता है।
ट्रेड लाइसेंस रिन्यू कराने के लिए करीब 600 व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं, अब तक लगभग 800 लोगों ने लाइसेंस रिन्यू करा लिया है। लाइसेंस रिन्यू न कराने पर व्यावसायिक प्रतिष्ठान संचालकों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
- समीर कुमार, टैक्सेशन ऑफिसर (नगर निगम मुख्यालय)