गुरुग्राम। संयुक्त किसान मोर्चा गुरुग्राम के अध्यक्ष संतोख सिंह ने कहा कि हरियाणा के 56 विधायकों ने किसानों का साथ न देकर जनता के साथ धोखा किया है। जनता ने उनको इसलिए विधानसभा में चुनकर भेजा था कि जरूरत पड़ने पर काम आएं, लेकिन किसानों का साथ न देने से उनका किसान विरोधी चेहरा उजागर हो गया है। संतोख सिंह बृहस्पतिवार को राजीव चौक पर चल रहे अनिश्चितकालीन धरने में किसानों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अपने आपको किसानी समाज से जुड़ी पार्टी बताने वाली जजपा का किसान विरोधी चेहरा पूरी तरह से बेनकाब हो गया है। इस आंदोलन के चलते इन विधायकों का कोई राजनीतिक भविष्य नहीं बचा है। किसानों ने इन किसान विरोधी चेहरों के खिलाफ संघर्ष के बीज बो दिए हैं औैर इनकी कटाई भी जल्द होगी। हरियाणा के किसान इन भाजपा व जजपा विधायकों का सामाजिक बहिष्कार करके इस आंदोलन को तेज करेंगे। अन्य किसान नेताओं ने कहा कि 15 मार्च को कॉरपोरेट विरोधी दिवस व सरकार विरोधी दिवस मनाया जाएगा, जिसमें डीजल, पेट्रोल, रसोई गैस व अन्य आवश्यक वस्तुओं के बढ़ रहे दामों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। इसी दिन देशभर के रेलवे स्टेशनों पर मजदूर संगठनों के साथ निजीकरण के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा। 17 मार्च को मजदूर संगठनों व अन्य जन अधिकार संगठनों के साथ 26 मार्च के प्रस्तावित भारत बंद को सफल बनाने के लिए एक कन्वेंशन की जाएगी।
19 मार्च को एफसीआई और खेती बचाओ कार्यक्रम के तहत देशभर की मंडियों में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। 23 मार्च को भगत सिंह के शहीदी दिवस पर देशभर के नौजवान किसानों के धरनों पर शामिल होंगे। 26 मार्च को इस आंदोलन के 4 महीने होने पर पूर्ण रूप से भारत बंद किया जाएगा। 28 मार्च को होली दहन में किसान विरोधी तीनों कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि जब तक तीनों काले कानून वापस नहीं ले लिए जाते तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बृहस्पतिवार को धरने पर बैठने वालों में जिला बार एसोसिएशन गुरुग्राम के प्रधान अभय सिंह दायमा, बार काउंसिल पंजाब एवं हरियाणा के सदस्य प्रवेश यादव, ईश्वर सिंह पातली, धर्मवीर राठी, योगेश्वर दहिया, अनिल पंवार, जयप्रकाश, नवनीत, सतनारायण, मनोज, अरुण शर्मा सहित काफी संख्या में किसान व अन्य लोग शामिल हुए।