उद्योग विहार फेज-IV में नई मास्टर सीवर लाइन डाली जाएगी, 2.42 करोड़ होंगे खर्च
मनोज धर द्विवेदी
गुरुग्राम। उद्योग विहार क्षेत्र में सीवर की लगातार आ रही समस्या को देखते हुए करीब 40 साल पुरानी मास्टर सीवर लाइन को बदलने की योजना बनाई गई है। इस योजना पर करीब 2.42 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उद्योग विहार फेज-IV में नई मास्टर सीवर लाइन डाली जाएगी जबकि, कुछ हिस्सों में लाइन ट्रेंचलेस तकनीक से डाली जाएगी।
दिल्ली-जयपुर हाईवे से सटा उद्योग विहार शहर के सबसे पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में से एक है, जिसे हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) ने विकसित किया था। यहां की मास्टर सीवर लाइन 35-40 साल पुरानी हो चुकी है और कुछ जगहों पर जर्जर हालत में है। कुछ माह पहले सीवर समस्या के समाधान के दौरान जब मास्टर लाइन की मरम्मत का प्रयास किया गया तो कई स्थानों पर लाइन के धंसने और टूटने की स्थिति सामने आई। दशकों पुरानी लाइनें मौजूदा दबाव को सहन नहीं कर पा रही हैं, जिससे बार-बार सीवर ओवरफ्लो और खराबी की समस्या हो रही है।
इसके बाद एचएसआईआईडीसी ने खराब हिस्सों में नई लाइन डालने की योजना तैयार की है। उद्योग विहार फेज-IV में नई मास्टर सीवर लाइन डाली जाएगी। इसके तहत करीब 600 से 700 मीटर मास्टर लाइन बदली जाएगी। ओल्ड दिल्ली रोड पर भारी ट्रैफिक दबाव को देखते हुए यहां खुदाई संभव नहीं है। इसलिए इस हिस्से में ट्रेंचलेस तकनीक के जरिये लाइन डाली जाएगी। एचएसआईआईडीसी ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। कार्य अलाट होने पर ठेकेदार को चार माह में पूरा करना होगा।
उद्योग विहार में 2000 से अधिक औद्योगिक और वाणिज्यिक इकाइयां संचालित हैं। इस क्षेत्र में गारमेंट, विनिर्माण, आईटी, बीपीओ और कॉर्पोरेट कार्यालय स्थित हैं। दिल्ली-जयपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-48 और हवाई अड्डे के नजदीक होने के कारण यह एक प्रमुख औद्योगिक हब है।
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पुरानी मास्टर सीवर लाइन के जर्जर होने के कारण इसे बदला जा रहा है। नई लाइन डाले जाने से उद्योग विहार क्षेत्र में सीवर समस्या से काफी हद तक राहत मिलेगी। इसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। -अरुण गर्ग, डीजीएम, एचएसआईआईडीसी