गुरुग्राम। 21 सितंबर को विश्व अल्जाइमर दिवस है, इससे पहले विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) की एक रिपोर्ट सामने आई है, जिसके मुताबिक विश्व में अल्जाइमर से ग्रसित मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। रिपोर्ट में बताया गया है कि हर पांच सेकेंड में अल्जाइमर का एक नया मामला सामने आ रहा है। आर्टेमिस अस्पताल के न्यूरोलॉजी विभाग के निदेशक डॉ. सुमित सिंह ने बताया कि आगामी दस वर्षों में अल्जाइमर से ग्रस्त मरीजों की संख्या 76 लाख तक पहुंचने की आशंका है। अल्जाइमर होने पर मस्तिष्क की कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं। मस्तिष्क में एक विशेष तरह के एमिलॉइड प्रोटीन की मात्रा ज्यादा होने के कारण मरीज की याददाश्त कमजोर होने लगती है। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, याददाश्त प्रभावित होती जाती है। दवाओं के साइड इफेक्ट्स, विटामिन बी 12 की कमी, शराब की लत, ब्रेन ट्यूमर या ब्रेन में रक्त स्त्राव के कारण अल्जाइमर की समस्या हो सकती है।
नारायणा सुपर अस्पताल के न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. सलिल कोहली के मुताबिक यदि याददाश्त से जुड़ी कोई गंभीर समस्या महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। अल्जाइमर्स के मरीज को भावनात्मक सहायता और केयर की सबसे ज्यादा जरूरत होती है।